Meta के पब्लिक पॉलिसी हेड को सरकार ने तलब किया
प्रधानमंत्री की पोस्ट को ब्लैकआउट करने के अलावा भी कई मुद्दे हैं जिन पर चाहिए सफाई
प्रधानमंत्री की एक पोस्ट का सोशल मीडिया से ब्लैकआउट कर देना अब मेटा को भारी पड़ सकता है। वैसे मेटा ने इसे तकनीकी खराबी का नाम देते हुए पोस्ट को कुछ ही देर में बहाल भी कर दिया था लेकिन मामला अब बढ़ चुका है और सरकार ने कंपनी के हेड ऑफ पब्लिक पॉलिसी जोएल कपलान को पांच अगस्त को पेश होने को कहा है। कंपनी के तकनीकी अफसरों के बारे में भी सरकार एल्गोरिदम पर सवाल पूछना चाहती है, किसी कंटेट को बढ़ावा क्यों और कैसे दिया जाता है यह समझने के लिए मेटा के तकनीकी विशेषज्ञों को भी बुलाया गया है। दरअसल मेटा पर आरोप हैं कि वो एजेंडा चलाते हुए सरकार विरोधी पोस्ट को ज्यादा तूल देता रहा है और पिछले दिनों प्रदर्शन वगैरह के बीच भी उसका व्यवहार असंतुलित रहा है। सरकार इसी सब पर लिखित जवाब और प्रधानमंत्री की पोस्ट हटाने पर लिखित माफी मांगने वाली है। इलेक्ट्रॉनिक और आईटी मामलों की संसदीय सीमिति के चेयरमैन निशिकांत दुबे ने भी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के नियमन व एल्गोरिदम के अलावा इनकी भारत में कमाई और उसके बदले में बेहद कम टैक्स देने को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
