Nandigram के कांग्रेस प्रत्याशी प्रधान हत्या के मामले में गिरफ्तार
ममता बनर्जी की बनाई प्रत्याशी ने नाम वापस लिया तो कांग्रेस प्रत्याशी को ही ममता ने समर्थन देने की घोषणा की थी
नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर एक ही दिन में कई नए डेवलेपमेंट सामने आए हैं। पहले तो यह कि टीएमसी के दोनों गुट को चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस या टीएमसी का इस्तेमाल करने से ही मना नहीं किया बल्कि दोनों को ही नए चुनाव चिन्ह भी दे दिए। इस बीच ममता बनर्जी ने अपनी सीट रही नंदीग्राम के लिए जिसे उम्मीदवार बनाया उन संचिता डे ने मुख्यमंत्री शुभेंदु से मुलाकात की और उसके बाद नाम वापस लेने की घोषणा कर दी। इसके बाद ममता बनर्जी ने घोषणा की कि वो कांग्रेस के उम्मीदवार को समर्थन देंगी, इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि वो चुनाव आयोग के निर्णय को न मानते हुए वे सुप्रीम कोर्ट जा रही हैं। यह सब चल ही रहा था, कांग्रेस और ममता बनर्जी के बीच बात हो ही रही थी कि कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को एक हत्या वाले पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। अब नंदीग्राम की लड़ाई दिन ब दिन रोचक होती जा रही है। वैसे तो अभी प्रधान के चुनाव लड़ने पर रोक नहीं है और वो जेल से भी चुनाव लड़ सकते हैं लेकिन जिस तरह के आरोपों में उन्हें पकड़ा गया है उसमें सजाए दो साल से ज्यादा की ही होती है और ऐसी सजा सुनाई जाती है तो उनके लिए मुश्किल होगी। वैसे सुप्रीम कोर्ट तृणमूल नाम और फूल पत्ती चुनाव चिन्ह पर क्या निर्णय देता है यह भी काफी मायने रखेगा। ममता बनर्जी का कहना है कि वो अपनी पिछले तीस साल की मेहनत से बनाई पार्टी, उसके नाम और उसके चुनाव चिन्ह को यूं ही दूसरे के हाथ में नहीं जाने देंगी और इसीलिए वो सुप्रीम कोर्ट में मामले को ले गई हैं।
