September 23, 2026
वर्ल्ड

New Mexico की अदालत ने लगाया मेटा पर 4700 करोड़ का जुर्माना

कई शर्तें भी लगाई गई हैं मेटा पर जिन्हें पूरा किए बिना काम करना होगा मुश्किल, नाबालिगों से सीधे वयस्क बात न कर सकें यह भी शर्त

मेटा यानी फेसबुक, ळवाट्सएप और इंस्टाग्राम की पेरेंट कंपनी ने भारत में तो यह बताने के बाद भी माफी चाही है कि उसने न सिर्फ चुनी हुई सरकार के खिलाफ भड़काऊ पोस्ट खासतौर पर बढ़ाईं बल्कि यह भी बताया कि बच्चों के यौन शोषण वाले नियमों का भी उसने पैसों की खातिर जमकर उल्लंघन किया है। हालांकि सरकार ने अभी माफी नहीं दी है लेकिन ठीक ऐसे ही मामले में न्यू मेक्सिको कोर्ट ने मेटा पर लगभग 4,700 करोड़ रुपए का जुर्माना भरने को कहा है। यह जुर्माना लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया एल्गोरिदम में खिलवाड़, एआई चैटबॉट्स और बच्चों के यौन शोषण संबंधी सामग्री न रोक पाना एक बड़ा मामला है बल्कि यह भी देखा गया है कि मेटा ने कुछ ऐसे फीचर्स डाले जाते हैं जो बच्चों को घंटों फोन से चिपकाए रखते हैं। कोर्ट ने मेटा को सार्वजनिक उपद्रव फैलाने का भी दोषी माना है। इससे पहले इसी मुकदमे पर मेटा को 375 मिलियन डॉलर चुकाने को कहा गया था। अब मेटा को किशोरों द्वारा फेसबुक और इंस्टाग्राम की सीमा तय करनी होगी लेकिन इस फैसले में सबसे बड़ी बात यह कही गई है कि मेटा ऐसे इंतजाम करे कि अनजान वयस्क सीधे नाबालिगों से संपर्क न कर सकें और एआई से बनी सामग्री पर विशेष चेक हो। जज ने फैसले में कहा कि कारखाने का जहरीला धुआं पूरे वातावरण को खराब कर स्वच्छ हवा के अधिकार को दूषित करता है वैसे ही मेटा के प्लेटफॉर्म्स के प्रभाव केवल फोन या इंटरनेट तक सीमित नहीं हैं बल्कि वास्तविक दुनिया में फैलते हैं । फैसले पर मेटा ने कहा कि कुछ शर्तें इतनी कड़ी हैं कि उन्हें तकनीकी तौर पर पूरा नहीं किया जा सकता और यदि ये फैसला बदला नहीं गया तो उसे अपनी सेवाएं यहां खत्म ही करनी पड़ेंगी। अमेरिकी मुकदमों के अलावा यूरोपीय संघ भी मेटा के खिलाफ लगातार सख्ती के चलते दबाव में है। पांच साल पहले मेटा की पूर्व कर्मचारी हॉगेन ने बताया था कि इंस्टाग्राम किशोरियों के मन में अपने शरीर को लेकर हीन भावना पैदा कर रहा है और कंपनी मुनाफे के लिए इसे बढ़ावा देती रही है।