Trinmool को कांग्रेस में विलीन करने का ऑफर, ममता ने कहा सोचते हैं
ममता बनर्जी को कांग्रेस उपाध्यक्ष पद तक दिए जाने की बात, राज्यसभा में विपक्ष की नेता बनाए जाने की मांग
ममता बनर्जी कभी सोनिया गांधी से इतनी नाराज थीं कि उन्होंने एक नई पार्टी ही खड़ी कर ली। तृणमूल का जन्म सोनिया से ममता की अनबन के चलते ही हुआ था और अब यह चक्र पूरा होने की अटकलें लग रही हैं। बताया जा रहा है कि इंडी की बैठक में भाग लेने पहुंचीं ममता बनर्जी को सोनिया ने न सिर्फ गले लगाया बल्कि दोबारा फिर दस जनपथ बुलाकर ऑफर दे दिया कि वो तृणमूल का कांग्रेस में विलय कर लें। ममता के तेवर पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद से इतने लिजलिजे हो गए हैं कि उन्होंने इस ऑफर को लेकर सप्ताह भर का समय भी मांग लिया। यह सब होने के अगले ही दिन अभिषेक बनर्जी राहुल गांधी से मिलने पहुंच गए। यानी विलय की सारी बातें महज अटकलें नहीं हैं बल्कि वाकई किसी डील की आहट हैं। सूत्र तो यहां तक कह रहे हैं कि ममता बनर्जी को कांग्रेस का वाइस प्रेसिडेंट बनाने की बात कही गई है जबकि अभिषेक बनर्जी को पश्चिम बंगाल में कमान देने का ऑफर है वहीं तृणमूल का कहना है कि ममता को राज्यसभा में पहुंचाने के अलावा उन्हें सदन में विपक्ष का नेता बनाने की भी बात हो तो विलय संभव है। यदि इसे इस तरह से देखें तो पता चलेगा कि ऑफर मान लेने के बाद खड़गे तो सोनिया को रिपोर्ट करते रहेंगे जबकि ममता बनर्जी खड़गे को रिपोर्ट करेंगी और राहुल गांधी ममता बनर्जी को रिपोर्ट करेंगे। हालांकि अभी इन सब पर कोई अंतिम निर्णय तक दोनों ही दल नहीं पहुंचे हैं लेकिन जो बातें सामने आ रही हैं वो रोचक तो हैं ही, यह भी बताती हैं कि ममता दीदी के तेवर अब शून्य के स्तर तक पहुंच चुके हैं और यह सब एक हार के बाद पार्टी में मची भगदड़ का नतीजा है।
