UCC Bill वाला विधेयक मध्यप्रदेश विधानसभा में हुआ पास
सीएम ने कहा राम से रहीम तक, एक संविधान से चलेंगे , विपक्ष का विरोध
मध्यप्रदेश विधानसभा ने समान नागरिक संहिता विधेयक को पारित कर दिया है। सत्र के पहले दिन पेश किए गए इस विधेयक पर चर्चा के बीच कांग्रेस ने विरोध दर्ज कराते हुए नारेबाजी भी की लेकिन पर्याप्त संख्या होने के चलते सदन ने इसे पास कर दिया। अब मध्यप्रदेश उन राज्यों की श्रेणी में आ गया है जहां यूसीसी लागू है। सरकार का कहना है कि इससे सभी नागरिकों को बिना धार्मिक भेदभाव, समान अधिकार मिलेंगे। चर्चा में सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समानता भारतीय संस्कृति का आधार है। जब भगवान की नजर में सभी समान हैं तो इंसानों के कानून अलग क्यों होने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, “राम से रहीम तक, रविंद्र से रॉबिन तक, अमर से एंथोनी और अकबर तक, देश एक संविधान से चले।” मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर हमला बोला और कहा कि कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति करती है लेकिन अब प्रदेश में “अलग-अलग मजहबी तौल कांटा नहीं होगा, सभी एक ही बाट से तौले जाएंगे।” सीएम ने दावा किया कि यूसीसी के मसौदे पर प्रदेश के 93 प्रतिशत नागरिकों कासमर्थन है। अब विवाह का शासकीय पंजीयन अनिवार्य है और ऐसा न करने पर जुर्माने का प्रावधान है। पत्नी या पति के रहते दूसरे विवाह की अनुमति भी नहीं होगी। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों के तहत समान नागरिक संहिता का उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि राज्य देश के सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रयास करेगा। संविधान सभा की बहस के दौरान डॉ. बी.आर. आंबेडकर ने इसे आवश्यक बताया था, लेकिन तत्काल अनिवार्य रूप से लागू करने के बजाय सामाजिक स्वीकृति के साथ आगे बढ़ने की बात कही थी। यही कारण है कि इसे मौलिक अधिकार नहीं बल्कि नीति-निर्देशक सिद्धांतों में शामिल किया गया।
