FIR की सेंचुरी चाहते हैं राहुल लेकिन अभी 45 कौन से मामले हैं?
राहुल गांधी ने आज दावा किया कि उन पर 45 एफआईआर हैं लेकिन 2024 के हलफनामे में तो इनका जिक्र ही नहीं है
राहुल गांधी जोश जोश में कुछ ज्यादा ही बोल जाते हैं और ऐसा ही एक बयान उन्होंने यह दे दिया कि मुझ पर 45 एफआईआर हैं और मैं चाहता हूं कि यह संख्या 100 तक जाए क्योंकि हर एफआईआर मेरे लिए मेडल से कम नहीं है। अब यहां गौर करने वाली बात यह है कि 2024 के चुनावी हलफनामे में उन्होंने अपने ऊपर 18 क्रिमिनल केस की जानकारी दी है जिसमें दो एफआईआर का जिक्र नंबर सहित किया गया है। जिसमें दिल्ली वाली एफआईआर में आईपीसी की 228ए, जुवेनाइल जस्टिस, और पॉक्सो का जिक्र है जबकि बेंगलुरु वाली एफआईआर में आईपीसी की 34, 120 बी, 403,465, कॉपीराइट एक्ट और आईटी एक्ट का जिक्र है। दिल्ली वाली एफआईआर 2021 की बताई गई है जबकि बेंगलुरु वाली 2022 की। दिल्ली वाले मामले की जानकारी भी खुले में मौजूद नहीं है क्योंकि कोर्ट के आदेश के अनुसार वह सील कवर में है। अगस्त 2025 में औरंगाबाद, अगस्त 2026 में हलद्वानी और अब आकाशवाणी में जबरन घुसने वाली ताजा एफआईआर भी जोड़ लें तो भी आंकड़ा 45 तक नहीं पहुंच सकेगाअहमदाबाद वाला 2019 का केस,पटना की कंप्लेंट, रांची का मामला और मुंबई वाली शिकायत को भी राहुल एफआईआर मान लें तो भी बात दहाई के आंकड़े पर नहीं पहुंच रही है। हालांकि हालात जो हैं और राहुल की जो तमन्ना है उन्हें देखकर यह संभव है कि आने वाले समय में बात सैकड़े तक पहुंच जाए लेकिन इसके लिए राहुल को हिसाब सही रखना होगा क्योंकि यदि सौ में नब्बे कम पड़ रहे हों तो पहले क्वार्टर सेंचुरी फिर हॉफ सेंचुरी और तब कहीं जाकर सेंचुरी की चिंता करनी चाहिए। राहुल के कहने का आशय यदि उन पर चल रहे मामलों से हो तो भी सारे नेशनल हेराल्ड वगैरह जोड़कर भी अभी सेंचुरी की बात करने लायक आंकड़ा नहीं हो रहा है। ऐसे में या तो राहुल को बताना चाहिए कि 2024 में महज दो एफआईआर का जिक्र करना गलत था या अब 45 एफआईआर वाला दावा झूठा है। सवाल यह भी है कि क्या 45 का आंकड़ा 2024 से 2026 के बीच में ही हासिल कर लिया गया है?
