September 1, 2026
देश दुनिया

Yogi Aditya Nath की कृष्ण जन्माष्टमी पर लिखी चिट्‌ठी हुई वायरल

उत्तरप्रदेश के सीएम ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौेके पर गीता के निहित संदेशों का भी किया जिक्र

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखी चिट्ठी इन दिनों वायरल है। इस चिट्ठी में योगी आदित्यनाथ ने भगवान कृष्ण को मूर्ति से परे हटकर एक विचारधारा बतौर भी देखने को कहा है। चिट्‌ठी में उन्होंने लिखा है कि श्रीकृष्ण का जीवन धर्म से बढ़कर समाज, संस्कृति और शासन तीनों से जुड़े मामलों में आदर्श की तरह देखा जा सकता है। इस वायरल पत्र में योगी ने लिखा कि बात मथुरा की उस कैद से शुरु हुई जहां श्रीकृष्ण जन्मे। प्रतीकात्मक तौर पर इसे चारों तरफ झूठ और अन्याय का अंधेरा माना जा सकता है और श्रीकृष्ण का जन्म सच्चाई की किरण की तरह उम्मीदें लेकर आया। कृष्ण्ण की शरारतों तक में कहीं गहरे संदेश छुपे हुए हैं। माखन चुराने से लेकर गोपियों के साथ रास तक की कहानियों के पीछे सादगी,अपनापन और लोगों के बीच जुड़ाव के सूत्र समझे जा सकते हैं। कालिया नाग पर विजय बुराई पर अच्छाई की जीत का संकेत है और गोवर्धन पर्वत उठाने के पीछे तो कई संदेश हैं जिसमें प्रकृति, पशुओं और खेती-किसानी पर टिकी जिंदगी को बचाने की भी बात छुपी नजर आती है। इसीलिए गोवर्धन पूजा मिलजुल कर काम करने की मिसाल बनकर सामने आती है। चिट्ठी में सीएम योगी ने लिखा कि कृष्ण किसी एक जाति या वर्ग में बंधकर नहीं रहे बल्कि उन्होंने दिल के रिश्ते निभाए और इसे हम सुदामा से दोस्ती के संकेत से समझ सकते हैं। पत्र में सीएम योगी ने कहा कि श्रीकृष्ण ने गीता से कर्म, ज्ञान और कर्तव्य की जो राह दिखाई वह शाश्वत है, हर दौर में, हर मुश्किल में उपयोगी संदेश।