September 2, 2026
देश दुनिया

IAS-IPS रहे रिटायर्ड व्यक्ति को ही मिलेगी अयोध्या राम मंदिर की कमान?

राममंदिर सीईओ के लिए आवेदन मंगाए गए थे लेकिन शॉर्टलिस्ट में किसी और को मौके की संभावना नहीं दिखती
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में राम मंदिर परिसर से जुड़े कुछ मुद्दों पर फैसले होने हैं और इनमें सबसे बड़ा मुद्दा सीईओ की नियुक्ति का है। सीईओ के लिए आवेदन मंगाए गए थे तब लग रहा था कि काफी बड़ी संभावनाएं हो सकती हैं लेकिन अब जिस तरह से दो नाम शॉर्टलिस्ट होने की बात सामने आई है उससे साफ है कि राम मंदिर को संभालने के लिए भी सिर्फ आईएएस या आईपीएस को ही उचित समझा जा रहा है। प्रयागराज के पूर्व आईपीएस राजेश पांडे और आईएएस रहे योगेश्वर मिश्रा में से किसी एक को चुने जाने की संभावना सबसे ज्यादा बताई जा रही है। राजेश पांडे उत्तर प्रदेश कैडर में 2003 बैच में प्रमोट होकर आईपीएस बने थे। उत्तरप्रदेश में एसटीएफ और एटीएस भी उनके नेतृत्व में ही बनी। वहीं आईएएस रहे योगेश्वर राम मिश्रा उत्तर प्रदेश कैडर के 2005 बैच से हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के भीतर विभिन्न प्रशासनिक भूमिकाओं का व्यापक अनुभव है। दो सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में मंदिर प्रशासन व प्रबंधन के अलावा निर्माण कार्यों की समीक्षा, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर भी विस्तृत चर्चा होनी है।