Canada के उपचुनाव नतीजे और कार्नी की व्यापार नीतियों पर मुहर
मार्क कार्नी जिस तरह से ट्रंप की टैरिफ धमकियों को दरकिनार करने की कोशिश में हैं उससे कनाडाई खुश
कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की लिबरल पार्टी ने आंतरिक चुनावों में जिस तरह जीत हासिल की है उसे कार्नी सरकार के अमेरिका के प्रति रुख के समर्थन बतौर देखा जा रहा है। लिबरल पार्टी ने इन नतीजों को कार्नी पर जनता का भरोसा बताते हुए कहा कि कनाडा और अमेरिका के बीच संबंधों में तनातनी के चलते यह समय और ये नतीजे खास हैं। लिबरल पार्टी ने 21 अगस्त को अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया था और उसके तुरंत बाद आए ये नतीजे इशारा देते हैं कि कार्नी को लोग बतौर प्रधानमंत्री भी पसंद कर रहे हैं और उनके अमेरिका के प्रति विरोध को भी मान्यता देते हैं। कनाडा और अमेरिका के बीच बातचीत 21 अगस्त को बिना समझौता हुए टूट गई थी। इसके बाद 20 अरब अमेरिकी डॉलर के सामान पर ट्रंप ने 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है और इसके जवाब में कनाडा भी अमेरिका पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की तैयारी में है। अमेरिका बार बार कनाडा को अपना राज्य बनाने की धमकी देता रहा है और यह भी कहता रहा है कि कनाडा के पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं। कार्नी कनाडा की अर्थव्यवस्था को ऐसा मोड़ देने की कोशिश में हैं कि अमेरिका पर निर्भरता न रहे या बेहद कम हो सके। इसके चलते कनाडा अन्य देशों से आर्थिक संबंध मजबूत कर रहा है।
