Elected Prime Minister बतौर नेहरु को पीछे छोड़ा मोदी ने
बतौर प्रधानमंत्री नेहरु का कार्यकाल अब भी सबसे ज्यादा लेकिन वोट से चुनकर आए प्रधानमंत्री बतौर मोदी अब नंबर एक पर
प्रधानमंत्री मोदी ने अब एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है जिससे नेहरु का रिकॉर्ड पीछे छूट गया है, वे सबसे ज्यादा समय तक रहने वाले इलेक्टेड प्रधानमंत्री तो बन चुके हैं लेकिन अब भी नेहरु के सबसे ज्यादा समय प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड से पीछे हैं। दरअसल इस खेल में पूरा मामला इलेक्टेड और सिलेक्टेड प्रधानमंत्री की परिभाषा का है। चूंकि नेहरु ने भारत पर बतौर प्रधानमंत्री 6131 दिन तक राज किया उस हिसाब से मोदी के 10 जून 2026 को पूरे हो रहे 4399 दिन काफी कम हैं लेकिन वोटों से चुन कर आए प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी नेहरु का 4398 दिन का रिकॉर्ड तोड़ ही चुके हैं। मामला यह है कि भारत को आजादी मिली तो प्रधानमंत्री के तौर पर नेहरु का सत्ता संभालना इलेथ्टेड न होकर सिलेक्टेड वाला मामला था यानी वो जनता के वोटों से चुनकर प्रधानमंत्री बनने के बजाए कुछ नेताओं की सहमति से बनाए गए प्रधानमंत्री थे। इस हिसाब से चुने गए प्रधानमंत्री के तौर पर नेहरु का प्रधानमंत्रित्वकाल 15 अगस्त 1947 से शुरु न होकर चुनकर आने के बाद शपथ लेने वाले दिन यानी 13 मई 1952 से होती है। इस दिन से देखें तो इलेक्टेड पीएम के तौर पर नेहरु का कार्यकाल 4398 दिन का था और मोदी ने 4399 दिन पूरे कर इसे तोड़ते हुए 64 साल का रिकॉर्ड तोड़ डाला है लेकिन यदि बात प्रधानमंत्री के तौर पर देश को सेवा देने की है तो मोदी को 6132 दिन पूरे कर रिकॉर्ड तोड़ना होगा। इसे सालों के हिसाब से देखें तो नेहरू चुनाव जीत कर 12 साल 15 दिन प्रधानमंत्री रहे लेकिन प्रधानमंत्री पद पर उनका कार्यकाल 16 साल और 286 दिन का रहा जबकि मोदी को अभी 12 साल ही पूरे हुए हैं। ऐसे में नेहरु के प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए मोदी को 2030 के अंत तक पीएम रहना होगा और यह अगला चुनाव जीतकर नया कार्यकाल लेने पर ही संभव होगा हालांकि वे नेहरू के लगातार तीन बार प्रधानमंत्री चुने जाने के रिकॉर्ड की बराबरी कर चुके हैं। वैसे 15 साल मुख्यमंत्री और 12 साल से प्रधानमंत्री रहने का अनूठा रिकॉर्ड अब अब मोदी के नाम है।
