Trinmool Congress के बीस सांसद देंगे मोदी सरकार का साथ- काकोली घोष
ममता बनर्जी इंडी की बैठक में पहुंची तो सुझाव मिला ‘तृणमूल’ हटा कर वापस कांग्रेसी हो जाएं
ममता बनर्जी भले इंडी गठबंधन की बैठक में शामिल होने आई हों लेकिन उनका दिल्ली में मुख्य एजेंडा यही था कि जैसे भी हो टीएमसी सांसदों का टूटकर जाना रोका जाए लेकिन वो इसमें सफल नहीं हुई हैं। ममता बनर्जी जब दिल्ली में ही हैं तभी लोकसभा में तृणमूल सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बताया है कि बीस तूणमूल सांसदों ने भाजपा नीत एनडीए को समर्थन देने का फैसला किया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में 80 में से साठ विधायकों की बगावत के बाद अब संसद में तृणमूल कांग्रेस के लिए यह बेहद बुरा झटका है। काकोली ने कहा है कि मेरे साथ टीएमसी के करीब 20 सांसदों ने हस्ताक्षर वाला पत्र लोकसभा अध्यक्ष को भेजा है। टीएमसी के 28 लोकसभा सांसद और 12 राज्यसभा सांसद हैं। काकोली ने कहा कि वह लोकसभा में पार्टी की मुख्य सचेतक हैं और साथी सांसदों के साथ विचार-विमर्श के बाद स्पीकर को बताया गया है कि ये सभी मोदी नीत सरकार को समर्थन देना चाहते हैं। उधर ममता बनर्जी दिल्ली में इंडी गठबंधन के नेताओं से एक एक कर मिलने के बाद इंडी की बैठक में भी शामिल हुईं। जिन सोनिया गांधी से बगावत करते हुए ममता ने तृणमूल का गठन किया था उन्हीं के पड़ोस में बैठकर वे इंडी गठबंधन के नेताओं की उन बातों को सुनती रहीं जिनमें उन्हें वापस कांग्रेस के साथ आने को कहा गया। राहुल गांधी ने चुनाव के दौरान ममता पर जमकर हमले किए थे और वो भी ममता के साथ ही बैठक में शामिल थे। इससे पहले ममता बनर्जी अरविंद केजरीवाल से मिलीं जो इंडी की बैइक में नहीं आने वाले थे। केजरीवाल और ममता दोनों के हाथ से राज्य की सत्ताएं ही न हीं गई हैं बल्कि अब दोनों सामान्य विधायक तक नहीं बचे हैं।
