Dainik Bhaskar और द हिंदू पर आपराधिक अवमानना का केस
राम रहीम के विज्ञापन पर ‘द हिंदू’ और ‘दैनिक भास्कर’ के खिलाफ आपराधिक अवमानना
पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट ने ‘द हिंदू’ और ‘दैनिक भास्कर’ में छपे डेरा सच्चा सौदा और बाबा राम रहीम को लेकर पहले पन्ने पर खबरनुमा विज्ञापन को अदालत की आपराधिक अवमानना मानते हुए स्वतः संज्ञान लिया है। दोनों अखबारों के प्रकाशकों और प्रधान संपादकों को नोटिस दिया गया है और इस पर सुनवाई 25 नवंबर को होगी। 12 सितंबर 2026 के संस्करणों में इन अखबारों ने जो छापा गया था उसमें पूछा गया था, “क्या गुरु जी के खिलाफ कोई साजिश थी?” आज इस मामले में नोटिस जारी किए गए। अदालत ने कहा कि मुकदमे के दौरान इस तरह के पेड नैरेटिव से संदेश जाता है कि अदालतें किसी दोषी या आरोपी के खिलाफ साजिश में शामिल हैं। ऐसे न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने कोशिश सीधे न्याय प्रशासन में बाधा डालता है। अदालत ने माना कि छापी गई सामग्री में अदालत की “प्रतिष्ठा को कम करने या अधिकार को नीचा दिखाने” और/या न्यायिक कार्यवाही के उचित क्रम में हस्तक्षेप करने या बाधा डालने की प्रवृत्ति हो सकती है। इसलिए ‘कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट्स एक्ट, 1971’, विशेष रूप से धारा 2(c) के तहत की जानी चाहिए। अदालत ने कहा कि, रिकॉर्ड की अदालत के रूप में उसके पास अनुच्छेद 215 के तहत अवमानना मानने की शक्ति है और धारा 15(1) खुद संज्ञान लेने की अनुमति देती है। सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस कोअवमानना करने वालों की जानकारी तुरंत हासिल करने में रजिस्ट्री की मदद करने को भी कहा गया है।
