June 3, 2026
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Trinmool अब ममता की नहीं रहेगी, 80 में से 59 विधायक बागी, सांसदों ने भी बनाई दूरी

शत्रुघ्न सिन्हा से लेकर कीतिर् आजाद और यूसुफ पठान से लेकरी सागरिका तक ने बनाई ममता से दूरी

ममता बनर्जी के हाथ से अब तृणमूल कांग्रेस भी फिसलती दिखाई दे रही है। चार मई को नतीजे आने के बाद से ही एक एक कर तृणमूल नेताओं ने उनसे दूरी बनानी शुरु कर दी थी और उसके बाद से तो उनके बुलावे पर भी तृणमूल विधायक ही नहीं सांसद तक ममता से मिलने नहीं पहुंच रहे हैं। एक बड़े घटनाक्रम में निष्कासित विधायक ऋतुव्रत बनर्जी 59 विधायकों के समर्थन पत्र के साथ विधानसभा पहुंचे हैं और माना जा रहा है कि कई सांसदों का भी उन्हें समर्थन है, ऐसे में ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत का यह बड़ा बिगुल है क्योंकि ऋतुव्रत टीएमसी विधायक दल के नेता तथा विपक्ष के नेता दोनों पदों पर दावा कर सकते हैं। तृणमूल में बिखराव तब और ज्यादा गहरा गया जब पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भेजकर शोभनदेब चट्टोपाध्याय को नेता विपक्ष और फिरहाद हकीम को मुख्य सचेतक बनाने वाले कागजों पर 70 विधायकों के हस्ताक्षर बताए लेकिन कुछ विधायकों ने कहा कि साइन फर्जी हैं और उन्होंने ऐसे प्रस्ताव पर कभी साइन किए ही नहीं। अब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि फर्जी हस्ताक्षर मामले में जालसाजी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उनका यह इशारा साफतौर पर ममता और उनके भतीजे अभिषेक की तरफ है। 80 में से 59 विधायक यदि ममता के खिलाफ जा रहे हैं और सांसदों में से भी कोई ममता से मिलने नहीं पहुंच रहा है तो समझा जा सकता है कि बात गंभीर स्तर तक पहुंच गई है। यहां तक कि टीएमसी ने जिन्हें राज्यसभा में भेजा वो सांसद भी ममता के बुलावे पर मिलने नहीं जा रहे हैं।