September 23, 2026
देश दुनिया

Congress का नया फॉर्मूला, दो लाख पार्टी को, बीस लाख खाते में हों तो ही मिलेगा टिकट

उत्तरप्रदेश चुनावों के लिए टिकट मांगने वालों की संख्या कम करने और पार्टी के लिए पैसा जुटाने का तरीका

दिल्ली यूनिवर्सिटी के चुनाव में मिली हार के बाद बताया तो यही जा रहा है कि राहुल गांधी ने नाराज हुए हैं। हालांकि इन नतीजों से कोई सबक लिया गया हो ऐसा नहीं लगता क्योंकि अब कांग्रेस ने यह रणनीति बनाई है कि उत्तरप्रदेश चुनावों के लिए जो भी कांग्रेस का टिकट मांगेगा उसे पहले तो दो लाख रुपए पार्टी फंड में जमा करने होंगे और खाते में बीस लाख रुपए जमा दिखाने होंगे, इसके बाद ही कोई टिकट की दावेदारी कर सकेगा। साथ में यह भी शर्त रहेगी कि इन बीस लाख रुपयों को संभावित प्रत्याशी निकाल नहीं सकेगा। यानी अब किसी को कांग्रेस से उम्मीदवार बनना है तो पहले कम से कम 22 लाख रुपए का तो इंतजाम करना ही होगा। डूसू चुनावों में एनएसयूआई की हार के बड़े कारण में से एक यह भी माना जा रहा है कि दीपांशु शौकीन को कांग्रेस ने इसलिए पीछे कर दिया क्योंकि उसके पास पैसे की कमी थी। दीपांशु के पिता मामूली कामगार हैं जबकि कांग्रेस की तरफ से उसे बार बार कहा जा रहा था कि पैसे तो खर्च करने होंगे। इसके बाद तो खैर कांग्रेस ने अपने एक नेता के बेटे को चुनाव में उतार ही दिया जबकि दीपांशु ने नंगे पैर रहकर कम से कम पैसे में उपाध्यक्ष पद ही हासिल नहीं किया बल्कि एनएसयूआई के सीमकरण भी बिगाड़ दिए और उसे डूसू में एक भी सीट नहीं जीतने में एबीवीपी की मदद कर दी। इतने बड़े झटके के बाद भी कांग्रेस यही तय कर रही है कि उम्मीदवार कितना भी जिताऊ क्यों न हो उसे पहले पैसों का इंतजाम करना होगा, जाहिर है ऐसी शर्तों के बाद कांग्रेस से टिकट मांगने वालों की संख्या में कमी आएगी।