RTI के दायरे में हों कॉलेजियम के फैसले-याचिका
सुप्रीम कोर्ट में अर्जी, आरटीआई के दायरे में हों कॉलेजियम और जजों की नियुक्ति
एक एनजीओ लोकप्रहरी ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल करते हुए मांग की है कि जजों की नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाना चाहिए और इसके लिए बाकायदा मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर तय होना चाहिए। जजों की नियुक्ति को कॉलेजियम की सर्वसम्मत राय से जोड़े जाने और एनजेएसी में बताए गए मानकों को ध्यान में रखने की बात भी इस याचिका में कही गई है। कॉलेजियम के फैसलों आरटीआई के तहत लाने की मांग भी इसमें है। याचिकामें चीफ जस्टिस से प्रोसीजर में बदलाव और कानून मंत्रालय के परामर्श के साथ एक महीने में इसे अंतिम रूप देने का निर्देश मांगा गया है। जजों की नियुक्ति पर पहली बार मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर 1999 में बना था। 2015 में पांच जजों की बेंच ने एनजेएसी कानून को असंवैधानिक घोषित कर दिया था। इसके बाद प्रक्रिया तय करने की कोशिश कॉलेजियम और केंद्र सरकार के बीच असहमति के चलते पूरी नहीं हो सकी।
