Coaching Classes के लिए प्रदेश सरकार ला रही अधिनियम
अब तक मनमानी से चल रही कोचिंग क्लासेस पर नए अधिनियम के बाद कलेक्टर कर सकेंगे कार्रवाई
कोचिंग संस्थाओं की मनमानी देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार इन पर नियंत्रण की तैयारी में है। कोचिंग संस्थानों को कानून के दायरे में लाते हुए इनमें छात्रों की संख्या और रजिस्ट्रेशन वगैरह जैसी बंदिशें लगाई जाएंगी। इसे लेकर बन रहे अधिनियम की तैयारी शुरू कर दी गई है। यह अधिनियम सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद तैयार कर रही है। नए नियमों में प्रदेश के सभी कोचिंग संस्थानों के लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा और छात्रों की संख्या के माको कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई के अधिकार दिए जाएंगे. गड़बड़ी मिलने पर कोचिंग संस्थानों में ताला डालने और उन पर जुर्माना लगाने के भी अधिकार दिए जायेंगे. न से कोचिंग संस्थान की बिल्डिंग का क्षेत्रफल भी रखना जरुरी होगा। हर बैच में अधिकतम स्टूडेंट की संख्या भी तय होगी यानी एक क्लासरुम में निश्चित संख्या से ज्यादा छात्र नहीं बैठाए जा सकेंगे। अब तक इन कोचिंग संस्थानों पर सरकार का सीधा नियंत्रण नहीं है. नए नियमों में कलेक्टरों को कार्रवाई के अधिकार होंगे और सुरक्षा के इंतजाम, आपातकालीन व्यवस्थाएं और वेंटिलेशन सही न होने पर कलेक्टर कार्रवाई कर सकेंगे। ऐसे संस्थानों पर नियंत्रण के लिए सर्वोच्च न्यायालय भी निर्देश दे चुकी है जिसके चलते अब राज्य सरकार इसको लेकर अधिनियम लाने जा रही है।
