Israel Elections एक नवंबर से पहले तय होगा नेतन्याहू का भविष्य
38 साल बाद किसी संसद ने चुने जाने का कार्यकाल पूरा किया है
इजराइल में 38 साल बाद ऐसा हुआ है कि वहां की संसद अपना कार्यकाल पूरा कर रही है। एक नवंबर 2022 को इस संसद ने काम शुरु किया था और अब 27 अक्टूबर को चुनाव के बाद एक नवंबर से पहले यह तय हो जाएगा कि लिकुड पार्टी के नेतन्याहू सत्ता में बने रहेंगे या उन्हें याशर पार्टी के गादी आइजेनकॉट पद से हटा देंगे। 120 सांसदों के चुनाव के बाद सत्ता के लिए 61 सीटों की जरुरत होती है और इसमें छोटी छोटी पार्टियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं हालांकि तीन प्रतिशत के आसपास लाने वाली पार्टियों को एक भी सीट नहीं मिलती है। इजराइली संसद को नेसेट कहा जाता है और इसमें प्रत्याशियों के लिए वोटिंग नहीं होती है बल्कि मतदाता पार्टी के लिए वोट करते हैं। महज 73 लाख के आसपास वोटर ही इन चुनावों में वोट डाल सकेंगे जो यहां की जनसंख्या का 71 प्रतिशत के करीब है। इजराइल के चुनाव में सभी यहूदी वोट नहीं कर सकते क्योंकि यहां पोस्टल बैलेट की व्यवस्था सिर्फ सैनिकों या राजनयिकों को ही दी जाती है। वहीं गाजा के बड़े हिस्से में रहने वाले इजराइली भी वोटिंग में शामिल नहीं हो सकते हैं। याशर पार्टी कई छोटे दलों से लगातार संपर्क में है वहीं लिकुड पार्टी को भी भरोसा है कि छोटे दल उसे साथ देंगे और उसकी सरकार फिर बन सकेगी। वैसे यह रोचक है कि 1948 में बने दजराइल ने अब तक 14 प्रधानमंत्री देखे हैं।
