September 1, 2026
देश दुनिया

Twisha Sharma Case हत्या नहीं, आत्महत्या, सीबीआई की प्रारंभिक रिपोर्ट

शादी के बाद से ही प्रताड़ित करना शुरु कर दिया था समर्थ और गिरिबाला ने

भोपाल के ट्विशा शर्मा मामले में सीबीआई ने ‘संदिग्ध हालात में हुई हत्या’ की जगह इसे आत्महत्या बता दिया है, हालांकि यह प्रारंभिक रिपोर्ट है और जांच अभी जारी है लेकिन 30 पन्नों की इस चार्जशीट ने केस को पूरा बदल दिया है। फॉरेंसिक सबूतों और एम्स डॉक्टरों की रिपोर्ट के साथ सीबीआई ने कहा है कि ट्विशा की मौत हत्या नहीं थी बल्कि मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर की गई आत्महत्या थी। ट्विशा के पति समर्थ और सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह को हत्या की जगह महिला से क्रूरता, खुदकुशी के लिए उकसाने और साझा साजिश का आरोपी बनाया है। एम्स भोपाल के शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठे तो हाईकोर्ट के आदेश पर एम्स दिल्ली के डॉक्टरों ने दोबारा पोस्टमार्टम किया। ट्विशा के शरीर पर हाथापाई, संघर्ष या मार के निशान नहीं मिले। दरअसल शादी के बाद से ही समर्थ ने ट्विशा पर अपमानजनक टिप्पणियां शुरु कर दी थीं। प्रताड़ना के ही चलते उसने अबॉर्शन की दवाएं भी ली थीं और फिर भी जब सास व पति की प्रताड़ना नहीं रुकी तो उसने आत्महत्या का कदम उठा लिया। जांच में 20 लाख रुपए का विवाद भी शामिल है। अभी ट्विशा के आईफोन का डिलीट किया हुआ डाटा और सिक्योर चैट्स का फॉरेंसिक विश्लेषण बाकी है। ट्विशा का मामला मानसिक प्रताड़ना की बड़ा उदाहरण बन चुका है। ट्विशा की मौत को भले आत्महत्या माना जा रहा है लेकिन सच यह है कि हालात ऐसे खड़े कर दिए गए कि उसने जीने से बेहतर मौत को गले लगाना ही समझा, ऐसी क्रूरता के जिम्मेदारों को कैसी सजा मिलती है यह देखकर पता चलेगा कि आखिर ऐसे मामलों में हमारा कानून कितना सटीक है।