May 27, 2026
देश दुनिया

Supreme Court ने कहा पर्यवेक्षकों को बंधक बनाना गंभीर मामला

बंगाल में 7 इलेक्शन ऑब्जर्वर बंधक बनाए जाने की घटना पर सुप्रीम कोर्ट नाराज

सुप्रीम कोर्ट ने मालदा में एसआईआर से जुड़े सात इलेक्शन ऑब्जर्वर को बंधक बनाने की घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इन चुनाव प्रक्रिया से जुड़े लोगों को नौ घंटे बंधक बनाकर खाना-पानी तक नहीं दिए जाने की घटना सोची-समझी और भड़काऊ है। यदि इन उपद्रवी लोगों का मकसद न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराना और चुनावी प्रक्रिया को बाधा पहुंचाना है तो यह बेहद गंभीर बात है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था ढह गई है। बेंच ने राज्य के अफसरों से उनकी निष्क्रियता को लेकर जवाब मांगा है। तीन महिलाओं वाला एक सात न्यायिक अधिकारियों का दल बुधवार को मालदा बीडीओ दफ्तर पहुंचा था। कथित तौर पर वोटर लिस्ट में नाम कटने का बहाना बनाते हुए प्रायोजित हजारों लोगों की भीड़ ने ऑफिस को घेर लिया। इन लोगों ने नेशनल हाईवे को भी जाम कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट इस घटनाक्रम पर नाराज है और इसी नाराजी को देखते हुए बंगाल पुलिस ने दावा किया है कि उसने मामले के मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार कर लिया है जो एमआईएमआईएम का नेता है। पुलिस का कहना है कि इस सिलसिले में हमने अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार किया है और 19 मामले दर्ज किए हैं। मुख्य साजिशकर्ता मोफक्करुल इस्लाम है जो बागडोगरा का रहने वाला है और ओवैसी की पार्टी का नेता है। भाजपा ने मालदा की घटना को कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का सीधा उदाहरण बताते हुए चुनाव आयोग से जांच का आग्रह किया है। जो न्यायिक अधिकारी एसआईआर की समीक्षा करने गए थे उन्हें बंधक बना लिए जाने को भाजपा ने ममता बनर्जी की विफलता बताया है जबकि ममता इसे साजिश का हिस्सा बता रही हैं।