July 29, 2026
देश दुनिया

Supreme Court ने सिर्फ छात्र प्रदर्शनकारियों को राहत दी, आपराधिक तत्वों को नहीं

जंतर मंतर प्रदर्शन में पुलिस की ज्यादती वाली याचिका पर सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा एसआईटी भी बना सकते हैं

सुप्रीम कोर्ट ने नीट पेपर लीक मामले पर कथित आंदोलनों में कथित पुलिस ज्यादती पर सुनवाई करते हुए कहा कि 18 साल से कम के छात्रों को तुरंत रिहा करना होगा जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है लेकिन जिन पर आपराधिक मामले हैं उन्हें कोई छूट नहीं दी जाएगी। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग पर स्वतंत्र समिति या एसआईटी बनाने पर भी विचार की बात कही। सभी राज्यों को प्रदर्शन के सीसीटीवी फुटेज, रिकॉर्डिंग, पीसीआर आदि साक्ष्यों को सुरक्षित रखने लेकिन उसे सार्वजनिक न करने को कहा। इस बीच जंतर-मंतर प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस ने बड़े खुलासे किए हैं बताया गया है कि प्रदर्शन स्थल पर मौजूद 2,873 आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोग मौजूद थे जिनमें से 989 तो हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, लूट, दुष्कर्म और ड्रग तस्करी जैसे गंभीर अपराध वाले ही मौजूद रहे। हिंसा में शामिल लोगों में 101 हत्या के आरोपी भी थे और आधा दर्जन से ज्यादा वो लोग थे जो पॉक्सो के आरोपी हैं। 229 लोग आर्म्स एक्ट के तहत दोषी, 135 स्नैचिंग वाले गुंडे, 19 अपहरणकर्ता और 67 लोग नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के मामलों में आरोपित लोगों के कथित छात्र आंदोलन में शामिल होने को तो पुलिस ने चिन्हित ही कर लिया है जबकि अभी स्क्रीनिंग चल ही रही है। 42 लोग तो ऐसे भ्ज्ञी हैं जो हत्या जैसे मामलों में दो या उससे अधिक आपराधिक मामले वाले हैं।