Ram Mandir क्षेत्र से बाहर हुए गोपाल राव भी, चंपत राय मौन पर
यतींद्र मिश्र को ट्रस्ट में शामिल किए जाने की संभावना, सीईओ की नियुक्ति पर भी गहमागहमी
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हुई दान चोरी के बाद आठ कर्मचारी तो हिरासत में हैं जबकि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की भी इस क्षेत्र में इंट्री बंद हो चुकी है। बताया जा रहा है कि गोपाल राव से विशेष आमंत्रित सदस्य होने के तमगे के साथ कार पास तक छीन लिया गया है और वे अब परिसर से बाहर कारसेवकपुरम में रह रहे हैं। हालांकि ट्रस्ट ने अभी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है लेकिन कृष्ण मोहन के चार्ज संभालने से पहले ही इन तीनों मुख्य किरदारों का मंदिर परिसर से पूरी तरह बाहर हो जाना अपने आप में काफी कुछ कह रहा है। उधर चंपत राय ने कहा है कि वे एसआईटी की पूरी और फाइनल रिपोर्ट आने तक मौन रखे हुए हैं लेकिन इसके बाद वो बोलेंगे और सब कुछ सामने आ जाएगा। चंपत राय फिलहाल विश्व हिंदू परिषद में अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने रहेंगे। वैसे राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी अपने पद पर बने हुए हैं जबकि इस मामले में उनकी भी बड़ी जिम्मेदारी बनती है और वे खुद कह चुके हैं कि उन्हें समय नहीं मिलता था इसलिए उनका सीए ही ऑडिट करने आता था, वे खुद नहीं आ पाते थे। गोविंद देव की अकड़ और इस्तीफा देने से इनकार का अंदाज भी काफी कुछ कह रहा है लेकिन कमाल यह है कि कोषाध्यक्ष से इस्तीफे की मांग तक नहीं उठ रही है बल्कि उनसे मिलने संत, महंत तो पहुंच ही रहे हैं साथ ही गोपाल राव भी उनसे मिले हैं। अयोध्या की राजगादी संभालने वाले राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र जब तक थे तब तक के सक्रिय रूप से मंदिर के काम में निगरानी रखते थे और उब उनके यतींद्र मिश्र से भी गोविंद गिरी मिलकर मंत्रणा की गई है। माना जा रहा है कि ट्रस्ट में विश्वसनीयता के नाते उन्हें जरुर शामिल किया जाएगा।
