July 8, 2026
देश दुनिया

Taj Mahal की वैाानिक और भौतिक जांच की याचिका, केंद्र और एएसआई को नोटिस

वकील हरिशंकर जैन ने राम जन्मभूमि मामले में भी निभाई थी बड़ी भूमिका, उन्होंने ही कहा ताजमहल नहीं यह तेजोमहालय

ताजमहल को लेकर काफी पहले से यह दावा सामने आता रहा है कि यह मूल रुप से एक मंदिर था जिसका नाम ‘तेजोमहालय’ था और यह एक शिव मंदिर था। अब इस दावे पर कानूनी लड़ाई शुरु हुई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को इस संदर्भ में एक नोटिस जारी किया है। दरअसल कुछ समय पहले आगरा अदालत में 2015 में ताजमहल के वैज्ञानिक और भौतिक सर्वे की मांग रखी गई थी लेकिन इस अदालत ने मांग को खारिज कर दिया था। अब हाइकोर्ट ने संबंधित पक्षों से इस पर जवाब चाहा है। याचिकाहरि शंकर जैन की ओर से आई है जिन्होंने राम मंदिर अयोध्या मामले में भी महती भूमिका निभाई है। याचिका में कोर्ट कमिश्नर द्वारा गहन निरीक्षण, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ताजमहल का सही इतिहास पता होना आवश्यक है, यहां मौजूद धार्मिक प्रतीकों और वास्तुकला की वैज्ञानिक और भौतिक सर्वे से ही सच्चाई सामने आ सकती है। 4 अप्रैल 2026 को जिला अदालत से याचिका खारिज होने के बाद मामला हाइकोर्ट पहुंचा जहां से केंद्र सरकार और एएसआई तक 10 दिनों के भीतर नोटिस तामील कराने को कहा है। कोर्ट ने प्रतिवादियों से कहा है कि वे अगली सुनवाई से पहले काउंटर एफिडेविट दाखिल करें।