June 21, 2026
देश दुनिया

Ayodhya Ram Mandir ट्रस्ट के पदाधिकारियों को जिला न छोड़ने के निर्देश

सिर्फ दान की राशि में ही गड़बड़ नहीं हुई बल्कि चढ़ाए गए जेवरों और सोने जांचदी में भी जमकर हुआ हेरफेर

अयोध्या श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में चोरी की जांच कर रही एसआईटी को प्रारंभिक जांच में काफी कुछ गड़बड़ियां मिली हैं और इसमें ट्रस्ट से जुड़े अनिल मिश्रा और निर्माण सहायक गोपाल राव की भूमिका संदिग्ध मिली है। दान गणना करने वालों के साथ कुछ बैंककर्मियों की भी मिलीभगत के बारे में कुछ सुराग मिले हैं और टिन्नू यादव की भूमिका भी संदिग्ध मिली है।एसआईटी ने पाया है कि मंदिर में दान राशि की गणना प्रक्रिया की निगरानी गड़बड़ थी। पिछले छह दिनों से एसआईटी अयोध्या मंदिर में जांच कर रही थी और अब वह पहली रिपोर्ट मुख्यमंत्री के सामने पेश करेगी। माना जा रहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद टिन्नू, गणनाकर्मियों सहित अन्य पर एफआईआर की संभावना है। इस बीच ट्रस्ट के लोगों के जिला छोड़ने पर रोक लगा दी गई है। एसआईटी की जांच में कुछ ऐसे तथ्य भी हैं जो महासचिव चंपत राय पर भी सवाल उठाते हैं। बात सिर्फ दान की राशि को लेकर ही नहीं है बल्कि चढ़ाए गए सोने, चांदी और हीरे वाले जेवरों का हिसाब भी गड़बउ़ बताया जा रहा है। इसे लेकर इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन ने कहा है कि देशभर के सराफा कारोबारियों ने दान में 60 किलो चांदी दी थी लेकिन इन ईंटों और दीपक, कटोरे जैसी कई चीजें दी गई थीं जिनका रिकॉर्ड सार्वजनिक होना चाहिए।