EV के बीमा क्लेम बरसात में 25 प्रतिशत तक बढ़ जाते हैं
इलेक्ट्रिक कारों और डीजल या पेट्रोल कारों के बीमे पर तुलनात्मक अध्ययन
इलेक्ट्रिक कारों और पेट्रोल या डीजल कारों के इंश्योरेंस की कीमतों में भी भारी अंतर है। पॉलिसीबाजार की रिपोर्ट बताती है कि इलेक्ट्रिक कारों का इंश्योरेंस क्लेम ज्यादा महंगा है। रिपोर्ट बताती है कि इलेक्ट्रिक कारों का औसत क्लेम अमाउंट पेट्रोल या डीजल कारों के मुकाबले 14 प्रतिशत तक ज्यादा है। दस से पंद्रह लाख की कीमत वाली कारों के शुरुआती तीन साल के खर्चों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है। दरअसल ई कारों की कुल कीमत का पचास प्रतिशत तक हिस्सा तो केवल उसकी बैटरी का हो जाता है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, कूलिंग सिस्टम, टचस्क्रीन महंगे होने के चलते भी इनका खर्च ज्यादा है, एक बड़ी वजह यह भी है कि ईवी रिपेयरिंग के लिए कम सुविधाएं हैं। बैटरी खराब होने का बड़ा डर होने से बैटरी प्रोटेक्शन कवर लेने वाले ईवी मालिकों की संख्या सत्तर प्रतिशत तक बढ़ गई है। ईवी मालिक रोडसाइड असिस्टेंस लेने में भी आगे रहते हैं। रिपोर्ट यह भी बताती है कि मानसून में ईवी के मामले में क्लेम का उछाल पच्चीस प्रतिशत तक बढ़ जाता है।
