Sonia Gandhi जब भारतीय नागरिक नहीं थीं तब मतदाता कैसे थीं
सत्र न्यायालय से खारिज मामले की पुनरीक्षण याचिका स्वीकार, देखा जाएगा कि ऐसा कैसे संभव हुआ
सोनिया गांधी से जुड़े एक मामले में पिछले आदेश पर अब पुनरीक्षण याचिका को स्वीकार कर लिया गया है। सोनिया गांधी को लेकर लंबे समय से यह सवाल रहा है कि जब वो भारत की नागरिक बनी भी नहीं थीं तब भी उनका नाम मतदाता सूची में कैसे शामिल था। मजिस्ट्रेट अदालत में इस संबंध में जब मामला पहुंचा था तो शिकायत को अप्रमाणित रिकॉर्ड की फोटोकॉपी को आधार मानने से इंकार करते हुए मामले को खारिज कर दिया गया था। जब इस पर पुरीक्षण याचिका दायर की गई तो एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने इसे स्वीकार कर लिया। सत्र अदालत ने 2025 में पारित आदेश को रद्द कर नए सिरे से सुनवाई करना तय किया है। पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि यह आदेश रद्द किए जाने योग्य है। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को रखी गई है।
