Rahul Priyanka बिना तथ्यों के संसद में बोल रहे मर्यादा से परे की भाषा
लोकसभा अध्यक्ष की बार बार चेतावनी के बाद भी राहुल ने बकवास शब्दों का चयन भी किया और अमत शाह पर आरोप भी लगाए
इस बार शायद कांग्रेस ने तय किया है कि राहुल और प्रियंका मिलकर संसदीय व्यवस्थाओं की सीमाओ को लांघकर ही रहेंगे। मंगलवार को प्रियंका वाड्रा ने नए बने शिक्षा मंत्री प्रहलाद लोशी पर ऐसी टिप्पणी की कि अध्यक्ष को उनके बयान को ऑथेंटिकेट करने को कहना पड़ा और उसके बाद प्रियंका बाहर चली गईं। अब बुधवार को जब राहुल को बोलने का मौका मिला तो उन्होंने अपने भाषण में ऐसे ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जो कतई संसदीय नहीं हैं। यहां तक कि उन्होंने अमित शाह पर सीधा हमला बोलते हुए कह दिया कि उन्होंने छात्रों को गोली मारने का आदेश दे दिया था। पहले तो उन्होंने एक छात्रा से मिलने की बात कहते हुए अपनी तरफ से इडियट और अंधभक्त जैसे शब्द कहे और इसके बाद उन्होंने कहा इडियट खुद को भगवान दिखाने की कोशिश करता है वहीं अंधभक्त वो होते हैं जो उस इडियट को भगवान मानते हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने कई बार राहुल की बेलगाम बातों पर आपत्ति जताते उन्हें एंटी पेपर बिल पर ही बोलने को कहा लेकिन राहुल नहीं माने, आखिर किरेन रिजिजू ने भाषा को असंसदीय बताते हुए इन शब्दों को रूल बुक के हिसाब से भी गलत करार दिया, रक्षा मंत्री ने भी राहुल की भाषा का विरोध करते हुए इन शब्दों को संसद की कार्रवाई से निकालने की मांग की। इसके बाद सत्ता पक्ष ने भड़कते हुए कहा कि जब तक राहुल माफी नहीं मांगते सदन नहीं चलने दिया जाएगा। दरअसल कॉकरोच जनता पार्टी के उदय से परेशान राहुल चाहते हैं कि वे अपने तेवर मुख् विपक्षी दल की तरह दिखाते हुए संसद चलना मुश्किल कर दें और यदि उनकी बातों से सत्ता पक्ष भड़क जाए तो उन्हें और भी ज्यादा चर्चा हासिल होगी और इस सबमें उनकी बहन प्रियंका भी उन्हें पूरा साथ दे रही हैं।
