Kharge के नामांकन में भी कई जानकारियां गलत या मौजूद ही नहीं
लीजिए अब खड़गे का भी नामांकन खतरे में
मल्लिकार्जुन खड़गे भी राज्यसभा की दौड़ में हैं और कर्नाटक से उनके चुनाव को एकदम सुरक्षित माना जा रहा था लेकिन एक शिकायतकर्ता ने उनके नामांकन को लेकर शिकायत करते हुए जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि खड़गे ने जो एफिडेविट दिया है उसमें कहीं भी एक ट्रस्ट से जुड़ी जानकारी नहीं है। यह भी कहा गया है कि 36 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति रखने वाले इस ट्रस्ट पर पूरी तरह खड़गे परिवार का कब्जा है और इसके चलते उन्हें इसके बारे में जानकारी देनी चाहिए थी जो नहीं दी गई है। इस एक सामान्य शिकायत से भी कांग्रेस चौकन्ना हो गई है क्योंकि जिस तरह से वह कांग्रेस में राज्यसभा सीट गंवा चुकी है यदि उसी पैटर्न पर कांग्रेस अध्यक्ष ही चुनाव से बाहर हो जाते हैं तो यह बेहद किरकिरी वाला मामला हो जाएगा। हालांकि मध्यप्रदेश में मीनाक्षी वाला मामला भी अब कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट तक ले गई है लेकिन खुद उसके विधायक पूछ रहे हैं कि आखिर सही जानकारी दे देने में दिक्कत कहां थी और फिर डमी उम्मीदवार खड़ा करने में क्या परेशानी थी। कुछ नाराज विधायक तो यहां तक कह रहे हैं कि तेलंगाना का मामला था, तेलंगाना के पीसीसी चीफ खुद फॉर्म भरते समय मौजूद थे और भाजपा भी साफ कह रही है कि कांग्रेसियों ने ही मीनाक्षी के फॉर्म की गड़बड़ सामने रखी। ऐसे में कांग्रेस को दूसरों को दोष देने के बजाए खुद की गलतियों पर विचार करना चाहिए जिनके चलते पर्याप्त संख्या बल होते हुए भी राज्यसभा सीट हाथ से जाती रही।
