May 7, 2026
देश दुनिया

West Bengal में राजनीतिक हिंसा में तीन जानें गईं

टीएमसी वालों ने भाजपा कार्यकर्ता की हत्या की लेकिन सांसद महोदया ने सोशल मीडिया पर मृतक को अपना कार्यकर्ता और मारने वालों को भाजपाई बता दिया

पश्चिम बंगाल में इतने कड़े सुरक्षा इंतजामों के बाद भी विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राजनीतिक हिंसा हो रही है। कुछ इलाकों से आगजनी, तोड़फोड़ और हत्या तक की खबरें आ रही हैं। अब तक तीन लोगों की जान जाने की खबर है जिसमें से एक भाजपा कार्यकर्ता और एक टीएमसी कैडर का व्यक्ति भी मारा गया है। राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता आपस में लड़ रहे हैं हालांकि प्रशासन बेहद सख्ती से पेश आ रहा है और अब मामला कुछ ठंडा होता लग रहा है लेकिन राजनीति करने वाले इसमें भी राजनीति तलाश ही रहे हैं। यहां तक कि टीएमसी से राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने तो टीएमसी कार्यकर्ताओं के हाथों मारे गए भाजपा कार्यकर्ता को लेकर सोशल मीडिया पर झूठ परोसते हुए उसे टीएमसी का बता दिया और मारने वालों को भाजपाई करार दे दिया लेकिन जल्द ही हकीकत सामने आ गई कि मामला एकदम उलटा था। इस बीच एक घटना यह भी सामने आई है कि कांग्रेस के जिस दफ्तर पर तृणमूल ने कई सालों से कब्जा कर रखा था, वहां चुनावी नतीजों के तुरंत बाद कांग्रेसी पहुंचे और उन्होंने कांग्रेस के कब्जे से यह दपु्तर खाली करा लिया। न्यू टाउन इलाके में भाजपा की विजय रैली के दौरान एक भाजपा कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई। वहीं नानूर में टीएमसी के अबीर शेख की हत्या हो गई। इस हिंसा पर चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला, डीजीपी सिद्धार्थ नाथ गुप्ता और केंद्रीय सुरक्षा बलों को स्थिति नियंत्रण में लेने के निर्देश दिए हैं और उपद्रवियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ अपनाने को कहा है।