August 7, 2026
और भी

Jharkhand Student Protest देवेंद्र ने वांगचुक के कहने पर पानी पीना शुरु किया

झारखंड के छात्र भर्तियों की सीबीआई जांच पर अड़े हैं और राज्य सरकार मामले की जांच सीआईडी<< तक सीमित रखना चाहती हैं

झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर छात्र कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो ने सोनम वांगचुक की समझाइश पर पूरी तरह भूखे रहने के बजाए पानी पीना शुरु कर दिया है। यहां आंदोलन कर रहे छात्रों की मांग है कि जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा रद्द की जाए, इसे दोबारा सही तरीके से कराया जाए और इसकी सीबीआई जांच हो। इसके अलावा मांगों में भर्ती प्रणाली में सुधार, टीडीपीएल से हुई परीक्षाओं की समीक्षा, राज्य के शिक्षा मंत्री जवाबदेही लें और जो दोषी हैं उप पर कार्रवाई की जाए। इस पूरे आंदोलन के मुख्य चेहरे के तौर पर देवेंद्र नाथ महतो उभरे हैं। 25 जुलाई से रांची में धरना दिया और 2 अगस्त से भूख हड़ताल शुरु कर दी। उनका कहना है कि वो समझते हैं कि पिछले दशकों से झारखंड भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों की शिकार हैं। हर परीक्षा का पेपर लीक हो रहा है। 2015 में तत्कालीन रघुवर दास सरकार की नियोजन नीति के खिलाफ भी देवेंद्र आंदोलन कर चुके हैं। छात्रवृत्ति में कटौती, जेपीएससी भर्ती जैसे मामलों में वो आगे आकर आंदोलन करते रहे हैं। जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और जैक की मैट्रिक परीक्षा रद्द करने कस श्रेय भी उनके समर्थक देवेंद्र को देते हैं। वो 2019 में झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए सिल्ली सीट से चुनाव भ्ज्ञी लड़ चुके हैं। उन पर 11 आपराधिक मामले हैं और उन्होंने चुनाव जेल से ही लड़ा लेकिन फिर भी लगभग ड़ेढ़ लाख वोट हासिल किए हालांकि वो तीसरे नंबर पर रहे। राज्य सरकार ने 14वीं जेपीएससी संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा-2025 की जांच सीआईडी को सौंप दी है लेकिन छात्र नेता इतने से राजी नहीं हैं। आंदोलन कर रहे छात्र सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।