August 7, 2026
देश दुनिया

Facebook के मुखिया मार्क ने माना, एल्गोरिदम में गड़बड़ी कर सरकार और बच्चों के खिलाफ सामग्री परोसी

मार्क जुकरबर्ग ने यह माना कि उन्हें विशेष तरह के कंटेंट को बढ़ाने के लिए काफी मोटी रकम दी गई

अब तक जो बात सिर्फ महसूस की जा रही थी कि सोशल मीडिया में एल्गोरिदम के नाम पर बड़ा खेल हो रहा है और इस बात पर अब मेटा यानी फेसबुक और इंस्टाग्राम के मुखिया मार्क जुकरबर्ग ने मुहर लगा दी है कि भारत विरोधी, मोदी सरकार विरोधी और भड़काने वाली पोस्ट को ये सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लगातार लगे हुए थे। इसी के साथ मार्क ने एक और बड़ा खुलासा यह किया है कि उनकी कंपनी चाइल्ड पोर्न जैसी चीजों को बढ़ाने के लिए काफी मोटा पैसा मिला था। पिछले दिनों जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोस्ट को फेसबुक ब्लैक आउट कर दिया था तब सरकार ने इस पर कदम उठाए और अब कहा जा रहा है कि ऐसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सेफ हॉर्बर की सुविधा खत्म की जाएगी। सेफ हॉर्बर से आशय यह होता है कि ऐसे प्लेटफॉमर् को सिर्फ मध्यस्थ माना जाता है और इसके चलते कंपनी सीधे की गई गलत पोस्ट वगैरह के लिए जिम्मेदार नहीं मानी जाती है लेकिन यह यदि सेफगार्ड हट जाता है तो लोग आहत होने पर सीधे कंपनी और उसके अधिकारियों के खिलाफ शिकायत कर सकेंगे और उस हालत में मेटा हो या एक्स, सभी के लिए मुश्किलों की बाढ् आ जाएगी। सरकार के कड़े रुख के बाद मेटा के मुखिया मार्क जुकरबर्ग ने माफी मांगी है और उनकी टीम ने बाल शोषण सामग्री (सीएसएएम), डीपफेक कंटेंट और प्लेटफॉर्म संचालन की गलतियों पर खेद जताया है। मेटा ने पहले तो प्रधानमंत्री की पोस्ट हटाने की बात न मानते हुए कहा था कि यह तकनीकी खामी थी लेकिन बाद में इसके लिए भी माफी मांगी। दरअसल अब तक सरकार का रवैया यही था कि इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को मध्यस्थ माना जाए लेकिन इसका दुरुपयोग करते हुए इन कंपनियों ने यह तय करना शुरु कर दिया कि कौन सी पोस्ट कौन देखेगा और किसे बूस्ट मिलेगा, किसे नहीं। इसके बाद अब सरकार ने कहा है कि आईटी अधिनियम के तहत मिलने वाला ‘सेफ हार्बर’ (कानूनी सुरक्षा कवच) उन पर लागू नहीं होता। सरकार ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था का गंभीर मामला बताया है। इंस्टाग्राम पर विज्ञापनों में बच्चों से जुड़ी पोर्न और यौन शोषण सामग्री और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से बनाई गई सामग्री को लेकर भी मेटा उलझ गई है।