June 15, 2026
देश दुनिया

Ram Mandir Ayodhya में वाकई घपला हुआ, लगभग आठ करोड़ गायब हुए

अब तक तीन करोउ़ की रिकवरी के साथ पांच संदिग्ध सामने आए लेकिन इसके पीछे कौन सा मूल चेहरा यह जानने के लिए एसआईटी गठित

कुछ अखबारों ने जब राममंदिर के दान में गबन की बात कही तो पहले तो माना गया कि यह झूठी खबर हो सकती है लेकिन अब इसकी हकीकत सामने आ रही है तो पता चल रहा है कि पिछले साल से ही यहां से पैसे गायब करने शुरु कर दिए गए थे और अब तक आठ करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि निकाल ली गई है। अब तक इसमें से लगभग तीन करोड़ की रिकवरी कर ली गई है लेकिन सवाल यह है कि यह सब किसकी शह पर और कैसे हो रहा था। इस गड़बड़ी में सबसे ज्यादा नाम उन्हीं लोगों के हैं जिनके हवाले दान राशि की गिनती का काम था। लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रमाशंकर नाम के ये पांच कर्मचारी तो पकड़ लिए गए हैं लेकिन अब सवाल यह है कि क्या इन्हीं ने मिलीभगत से यह सब किया या इनके पीछे कोई बड़ा नाम भी है। इसी बात की जांच के लिए योगी सरकार ने एसआईटी गठित कर दी है जिसे पंद्रह दिनों में रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है। एसआईटी में लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, लखनऊ जोन की पुलिस महानिरीक्षक किरन एस और विशेष वित्त सचिव नीलरतन शामिल हैं। ट्रस्ट के चंपत राय का करीबी और पहले ड्राइवर की नौकरी करते करते राम मंदिर के हर मामले में दखल देने वाला टिन्नू इसमें सबसे ज्या सक्रिय बताया जा रहा है, उसी ने अपने रिश्तेदार रमाशंकर को नौकरी पर लगवाया था। टिन्नू पर ट्रस्ट के एक पूर्व पदाधिकारी ने कैमरे के सामने पहले भी गंभीर आरोप लगाए थे। हद यह भी है कि एक संदिग्ध के यहां से मंदिर के जेवरात भी मिले हैं। अब देखना यह है कि बात इन पांच संदिग्धों पर ही आकर टिक जाती है या कोई और बड़ा नाम भी सामने आएगा जिसने राममंदिर की राशि में गड़बड़ अपनी निगरानी में करवाई हो।