Tamilnadu में विजय ने तोड़ी विपक्षी पार्टियां, अपना पहला ही आदेश भी वापस लिया
सदन में विजय जोसेफ के पास संख्याबल 120 लेकिन पक्ष में वोट 144 पड़ गए
तमिलनाडु में सरकार किस तरह चलने वाली है इसकी झलक वहां विधानसभा के पहले ही दिन मिल गई जिसमें विजय जोसेफ को बहुमत भी हासिल करना था। विजय को बहुमत साबित करने में कोई दिक्क्त नहीं हुई क्योंकि जिन्हें विपक्ष माना जा रहा था उन्हीं में से कई सदस्यों ने उनके पक्ष में वोटिंग की और जो उन्हें 144 विधायकों के वोट मिल गए। वहीं विश्य सरकार ने जो पहला आदेश निकला था वह अगले ही दिन वापस भी लेना पड़ गया। दरअसल विजय ने अपने सचिव बतौर ज्योतिषी रिकी राधन पंडित की नियुक्ति की थी लेकिन उदयनिधि ने जिस तरह से सनातन को खत्म करने की बात कही उससे प्रभावित विजय ने अगले ही दिन उनकी नियुक्ति को रद्द कर दिया। विजय को अपनी पार्टी से भी विरोध झेलना पड़ रहा था और विपक्ष तो राजनीतिक आलोचनाएं कर ही रहा था। रिकी राधन पंडित की ओएसडी के रूप में नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिए जाने के बाद उनका पार्टी प्रवक्ता पद भी खतरे में है जबकि चुनाव प्रचार के दौरान वे मुख्यमंत्री के सबसे करीबी सहयोगी माने जाते रहे। द्रमुक ने ज्योतिषी को लेकर कहा था कि सरकार चलाने के लिए भविष्यवाणी नहीं बल्कि नियमों और शक्तियों को समझने वाले सलाहकार की जरूरत होगी। यहां तक कि विधानसभा में भी इस नियुक्ति पर काफी हंगामा हुआ।
