April 28, 2026
वर्ल्ड

Kaash Patel का नाम हमलावर की लिस्ट में नहीं था, एजेंसियां कर रहीं जांच

हमलावर ने अपने इरादों के बारे में अपने परिवार को घटना को अंजाम देने से दस मिनट पहले बताया

शनिवार को हिल्टन होटल में ट्रंप और वेंस की मौजूदगी वाली जगह में हुई गोलीबारी को लेकर अब एजेंसियों के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं। पहली बड़ी चूक तो यही है कि हमलावर एक नहीं कई अलग अलग हथियारों से लैस होकर भी अंदर तक पहुंच गया। गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई और हमलावर पकड़ लिया गया लेकिन अब एजेंसियां यह तलाश रही हैं कि जब हमलावर ने पूरी सूची बनाई थी जिसमें उसने तय किया था कि किस किस को मारना है, उस सूची में काश पटेल का नाम नहीं है। एजेंसियां समझ नहीं पा रही हैं कि काश से कम महत्व वाले पदाधिकारियों का नाम कोल एलन ने अपनी लिस्ट में लिख रखा है। एक कोण यह भी है कि चूंकि काश हिंदू हैं और हमलावर ने ईसाइयों को ही निशाने पर लेने का सोचा था इसलिए जानबूझकर काश का नाम छोड़ दिया गया हो। हालांकि यह अकेला मुद्दा नहीं है, एक सवाल यह भी है कि जब वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उपराष्ट्रपति को बचाने के लिए जहां दस सेकंड में कवर दे दिया वहीं ट्रंप को कवर देने में इससे लगभग दोगुना समय लगा। एक बड़ी चूक यह भी हुई कि ट्रंप भागने के दौरान गिर गए और इसमें भी कुछ सेकंड्स का समय बर्बाद हुआ जबकि अमेरिकी एजेंसियों के मानदंडों के हिसाब से ऐसा नहीं होना चाहिए था। यानी गोलीबारी की घटना में जहां यह अच्छा रहा कि किसी की जान पर नहीं बन आई लेकिन एजेंसियों के लिए यह घटना कई सबक छोड़ गई।