USA का एयर डिफेंस सिस्टम कमजोर, सुधारने के लिए बड़ा बजट जरुरी- पेंटागन
चीन, नॉर्थ कोरिया, रुस और ईरान से खतरा बताकर संसद से मांगा गया बड़ा बजट
अमेरिका के सीनियर रक्षा और सैन्य अधिकारियों ने 2027 के बजट को लेकर संसद में बताया कि अमेरिका का एयर डिफेंस सिस्टम उतना मजबूत नहीं है जितना दावा किया जा रहा है. पेंटागन के अफसरों ने बताया कि हाइपरसोनिक और क्रूज मिसाइलों से बचने में मौजूदा अमेरिकी नाकाम साबित हो सकते हैं. इन अफसरों ने बिताया कि चीन, रूस, ईरान और नॉर्थ कोरिया से इस बात का खतरा बढ़ता जा रहा है कि अमेरिका पर भी कोई हमला हो जाए और यदि ऐसा होता है तो मौजूदा एयर डिफेंस सिस्टम के नाकाम रहने की संभावना बहुत ज्यादा है इसलिए अमेरिका को नए मिसाइल डिफेंस सिस्टम को शामिल करना ही होगा. दरअसल ट्रंप मल्टी-लेयर एयर डिफेंस सिस्टम लाना चाहते हैं और वे इसके लिए संसद से पैसा मांग रहे हैं, यही वजह है कि अमेरिकी संसद जानना चाहती है कि आखिर खतरा कितना बड़ा है। अफसरों के बाद युद्ध मंत्री हेगसेथ भी संसद समिति के सामने पेश होंगे और ट्रंप की योजना के लिए 185 बिलियन डॉलर की लागत वाला “गोल्डन डोम” की जरुरत के बारे में जानकारी देंगे. पेंटागन के अफसरों ने बताया कि मौजूदा अमेरिकी डिफेंस सिस्टम ऐसे खतरों के लिए नहीं है जैसे खतरे आज अमेरिका के सामने हैं, बैलिस्टिक मिसाइलों से लेकर हाइपरसोनिक या क्रूज मिसाइलों के खिलाफ भी अमेरिकी क्षमता पर्याप्त नहीं है जबकि चीन जैसे देश ऐसे हथियारों को बना ही रहे हैं. ट्रंप जो सिस्टम लाना चाहते हैं उसमें अंतरिक्ष में सेंसर, जमीन पर इंटरसेप्टर, एआई ऑपरेटेड कमांड सिस्टम और डायरेक्टेड एनर्जी जैसी तकनीक भी होंगी.
