Sabrimala में हुई सोने की चोरी पर एसआईटी को कोर्ट से मिली और छूट
मूर्तियों पर सोना चुरा कर तांबा चढ़वा दिया गया और फर्जी प्रमाणपत्र भी बनवा दिए थे
अयोध्या में दान राशि की चोरी के मामले के चलते लोग भूल ही गए थे कि सबरीमाला मंदिर में तो इससे भी कहीं ज्यादा बड़ी चोरी पकड़ी गई है जिसमें कई किलो सोना तक गायब है। यह मामला अब फिर गरम हो गया है क्योंकि एसआईटी को दो वामपंथी नेताओं ए अजिकुमार और पीएस प्रशांत के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की अनुमति मिल गई है। अजिकुमार सीपीआई नेता हैं और प्रशांत माकपा नेता होने के साथ त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। कोर्ट ने कहा कि दोषियों को सजा दिलाने के लिए जांच का कोई पहलू नहीं छोड़ना चाहिए। बोर्ड के कुछ सदस्य और दूसरे अधिकारियों के भी इसमें शामिल होने की संभावना है। इससे पहले सोने की चोरी मामले में माकपा के पूर्व विधायक पद्मकुमार को गिरफ्तार किया था। जबकि दूसरा मामला तो सोने की परत चढ़ी मूर्तियों को दूसरी जगह भेजकर उनसे सोना चुराने का है। मूर्तियों पर नई सोने की परत हलकी सी चढ़ाकर कीमती सोना चोरी किया गया और एक फर्जी प्रमाणपत्र से इस चोरी को दबाने की कोशिश की गई। चालीस साल की गारंटी वाली कथित सोने की परतें कुछ ही महीनों में उतरीं तो तांबा नजर आने लगा। अधिकारी और बोर्ड सदस्य जानते थे कि मूर्तियों का चुराया गया सोना उन्नीकृष्णन पोट्टी के पास था लेकिन चोरी को छिपाने में कई लोगों ने साथ दिया। अब कई लोगों पर आपराधिक साजिश रचने, फर्जी दस्तावेज बनाने, भरोसा तोड़ने व अन्य गंभीर अपराधों के मामले बनाने की छूट एसआईटी को मिल गई है।
