May 12, 2026
देश दुनिया

Himanata ने फिर संभाली असम की कमान

भाजपा ने तीसरी बार असम के लोगों का भरोसा जीता, हिमंता ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

असम में भाजपा ने लगातार तीसरी बार सत्ता की बागडोर संभाल ली है आज जब हिमंता बिस्वा सरमा ने असम के चुनावों में बेहतरीन जीत के बाद मुख्यमंत्री के तौर पर फिर शपथ ली तो उन्होंने राज्य के लोगों को भरोसा दिलाया कि वे अपने हर वादे को पूरे करने में आज से ही जुट जाएंग। कांग्रेस छोड़कर वे भाजपा में आए थे और उन्हें पहली बार 2021 में मुख्यमंत्री बनाया गया था। हिमंता छात्र नेतृत्व और वकालत से जुड़े रहे और 1990 में उन्होंने राजनीति में ही पोस्ट ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई को पूरा किया। एलएलबी और पीएचडी करने के बाद वे सॉलिसिटर बतौर गुवाहाटी हाईकोर्ट में वकालत करने लगे। कांग्रेसी मुख्यमंत्री हितेश्वर सैकिया ने नब्बे के दशक में ही हिमंता की प्रतिभा पहचान ली थी और 1996 में उन्हें विधानसभा टिकट मिला लेकिन वो चुनाव हार गए। 2001 में वे पहली बार विधायक बने। मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने उन्हें मंत्री बनाया। 2011 के आसपास जब तरुण गोगोई अपने बेटे को आगे बढ़ाने की कोशिश में जुटे थे तब सरमा मुख्यमंत्री पद के दावेदार बन चुके थे। तरुण गोगोई जो दिल्ली में बताते उस पर भरोसा किया जाता लेकिन सरमा की बात नहीं सुनी जाती इसलिए 2015 में उन्होंने पार्टी विधायक पद छोड़ कर भाजपा में शामिल हो गए। 2016 के चुनावों में सरमा जीत कर अहम मंत्रालयों का प्रभार संभालते रहे। 2021 में उन्हें मुख्यमंत्री का दायित्व दिया गया। आक्रामक छवि के साथ जनता के बीच अपनी एक बहुत ही सुलभ छवि गढ़ी है। असम के लोगों के बीच सरमा अक्सर सहज तरीके से घुल मिल जाते हैं और जनता भी उन पर खास भरोसा करती है यही वजह है कि इस बार चुनाव में वे भाजपा की बड़ी जीत के प्रति इतने आश्वस्त थे कि वे दूसरे राज्यों में भी प्रचार करने पहुंच रहे थे।