SEBI ने पकड़ा राजेश एक्सपोर्ट्स का बड़ा घपला
15 लाख करोड़ से ज्यादा की गड़बड़ी सामने आई, सवाल यह कि एलआईसी ने दस प्रतिशत से ज्यादा शेयर कैसे खरीद डाले
सेबी ने राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के डायरेक्टर राजेश मेहता पर 2021 से 2025 के बीच 15.15 लाख करोड़ रुपये का फर्जी रेवेन्यू दिखाने और फंड की हेराफेरी करने के आरोप लगाए हैं। सेबी ने 109 पेजों का अंतरिम आदेश भी इस कंपनी को लेकर जारी किया है। जांच में पता चला है कि कंपनी ने फर्जी लेनदेन करते हुए संदेहास्पद अकाउंटिंग की और फंड को डायवर्ट किया। सेबी ने राजेश मेहता को सौदे करने से बैन कर दिया है। 1980 के दशक में मात्र 1,200 रुपये से चांदी आभूषणों का कारोबार शुरू करने वाले राजेश ने 1995 में आईपीओ से 10 करोड़ रुपये जुटाए। 2015 में स्विस रिफाइनरी ‘वालकैम्बी’ खरीदने पर यह कंपनी सभी की नजर में आई। 2019 में मेहता की संपत्ति 1.57 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई थी लेकिन सेबी की जांच में पता चला है कि अधिकतर आंकड़े झूठे और लेनदेन फर्जी थे। सेबी के कदम से कंपनी के शेयरों में ही नहीं एलआईसी के भी शेयर में जमकर गिरावट देखी गई क्योंकि इसमें एलआईसी ने दस प्रतिशत से ज्यादा की हिस्सेदारी खरीद रखी है।
