May 23, 2026
देश दुनिया

Bhojshala में 721 साल बाद शुक्रवार को पूजन, अर्चन और शंखनाद

हाल ही में हाइकोर्ट के फैसले के बाद यह पहला मौका जब परिसर में शुक्रवार को भी दिनभर श्रद्धालु पहुंच सके

भोजशाला धार में यह सैकड़ों साल के बाद पहला मौका था जब शुक्रवार के दिन पूजा अर्चना और आरती हो सकी है। यदि गणना के हिसाब से देखें तो शायद 721 साल बाद पहली बार ऐसा हुआ कि भोजशाला में पूजन और आरती संपन्न हुई जबकि अब तक यहां पर नमाज के लिए इस दिन विशेष सुविधा होती थी और यह बदलाव आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के वैज्ञानिक तरीके से किए गए सर्वे की रिपोर्ट्स के आधार पर आए मध्यप्रदेश हाइकोट्र के फैसले के बाद देखने को मिला है। भोजशाला में सालों से एक बोर्ड पूजन में बाधा बना हुआ था क्योंकि इस पर लिखा हुआ था यहां ‘शुक्रवार को हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है।’, हाइकोर्ट के निर्णय के बाद इस बोर्ड को हटा दिया गया है। सुबह से ही श्रद्धालु मंत्रोच्चार के साथ अंदर गए और मां वाग्देवी को चुनरी अर्पित की। यहां पूजन को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह रहा। फूलों से सजे गर्भगृह में सुबह की आरती के बाद से दिन भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस बीच मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच के फैसले को चुनौती देते हुए हारे हुए पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका लगाई है। इस पर विजित पक्ष ने पहले ही केविएट लगा रखी है। शहर में कोई गड़बड़ न हो इसलिए 2200 पुलिसकर्मी तैनात हैं।