May 15, 2026
देश दुनिया

Bhojshala में अब नमाज की अनुमति नहीं, भोज की संपत्ति और मंदिर परिसर साबित

धार भोजशाला को लेकर ऐतिहासिक निर्णय, कहा- यह वाग्मंदेवी का मंदिर है
इंदौर हाइकोर्ट ने धार की भोजशाला को लेकर एक अभूतपूर्व निर्णय देते हुए कहा है कि यह निश्चित तौर पर वाग्देवी सरस्वती का मंदिर परिसर ही है। कोर्ट ने हिंदू पक्ष को पूजन का अधिकार देते हुए मुस्लिम और जैन समाज की याचिकाओं को खारिज भी कर दिया है। पुरातत्व विभाग की रिपोर्ट के आधार और अन्य चार बिंदुओं पर लिए गए फैसले में कहा गया एएसआई का पिछला आदेश भी इसी के साथ रद्द हो जाता है जिसमें मुस्लिम पक्ष के लिए नमाज की भी व्यवस्था थी यानी अब इस परिसर में सिर्फ पूजन का ही प्रावधान है। कोर्ट ने भोजशाला परिसर को राजा भोज की संपत्ति के तौर पर मान्यता दी है। हिंदू पक्ष की ओर से इस मामले में अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने पैरवी की। फैसले को देखते हुए धार में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के लिए 1200 से ज्यादा जवान तैनात कर दिए गए हैं। यह पूरा मामला 2022 से चल रहा है जब हिंदू फॉर जस्टिस ने हाइकोर्ट में भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करने और यहां पूजन का पूर्ण अधिकार देने की मांग के साथ याचिका दायर की। 98 दिन तक वैज्ञानिक सर्वे के बाद एएसआई ने रपिोर्ट अदालत को दी थी जो इस निर्णय का मुख्य आधार बना।