June 15, 2026
देश दुनिया

Mayawati ने राहुल के संदेश वाहकों को बाहर से भगाया

कांग्रेस की समाजवादी पार्टी से सीट शेयरिंग को लेकर दिक्कत होने पर प्लान बी के तहत बीएसपी को रखने का इरादा था

उत्तरप्रदेश के आने वाले चुनावों की तैयारी को लेकर कांग्रेस को एक और झटका के बारे में चर्चा गर्म है। दरअसल कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल को राहुल गांधी ने बीएसपी चीफ मायावती से मिलने पहुंचाया था और तैयारी यह थी कि समाजवादी पार्टी यदि पर्याप्त सीट पर न माने तो बीएसपी के साथ गठबंधन में कांग्रेस जाए लेकिन मायावती ने भेजे गए दूतों की किरकिरी करते हुए उनसे मिलने से ही मना कर दिया। मजे की बात यह हे कि मायावती ने यह इंकार पहले नहीं किया बल्कि कांग्रेस नेताओं के दल को घर तक आने दिया गेटकीपर से सभी के नाम रजिस्टर में दर्ज कराने को भी कह दिया और उसके बाद दरवाजे के अंदर घुसने से इन नेताओं को मना कर दिया गया। उत्तरप्रदेश में कांग्रेस समाजवादी पार्टी के साथ उतरने की तैयारी कर तो रही है लेकिन सीट शेयरिंग बड़ी समस्या है। समाजवादी पार्टी का मानना है कि कांग्रेस को बहुत ही ज्यादा हो तो पचास सीटें दी जा सकती हैं वरना तो उन्हें अधिकतम चालीस सीटों पर लड़ना चाहिए वहीं कांग्रेस लगभग इसकी तीन गुना सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारना चाहती है। मायावती के पास दूतों को इसीलिए भेजा गया था कि यदि समाजवादी पार्टी जिद पर अड़ी रहती है तो कम से कम बीएसपी ही गठबंधन में अधिक सीटें शेयर कर लेने दे लेकिन मायावती ने तो राहुल के मैसेंजर्स को पानी तक का न पूछते हुए गेट के बाहर से ही भगा दिया।