Pakistan का डबल गेम आखिर खुल ही गया ट्रंप के सामने भी
यूएई से समझौता करने के बाद भी उस पर हमलावर ईरान को साथ दे रहा है पाकिस्तान
पाकिस्तान ने अब खुद ही मान लिया है कि वो अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता का तो सिर्फ दिखावा कर रहा है जबकि वह पूरी तरह ईरान के ही हक में बोल रहा है। दरअसल पाकिस्तान की तरफ से बताया गया कि कुछ ईरानी लड़ाकू विमान उसकी जमीन पर सुरक्षा की दृष्टि से रुक गए हैं। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि सीजफायर के दौरान यह मामूली सा प्रशासनिक और लॉजिस्टिक सहयोग है लेकिन इससे यह बात साफ हो गई है कि ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले के लिए पाकिस्तान जगह मुहैया करा रहा था। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि पाकिस्तान में रुके हुए ईरानी विमान युद्ध या सैन्य कार्रवाई वाले नहीं हैं। अमेरिका को भी यह पहले से पता चल गया था कि पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर ईरानी विमान हैं। जिनमें खुफिया जानकारी लेने वाला, टोही और निगरानी वाला RC-130 विमान भी है। पाकिस्तान चुपचाप ईरानी विमानों को अपने एयरफील्ड इस्तेमाल करने दे रहा है इस बात को पहले अमेरिकी रिपोर्ट में भी कहा गया था। ट्रंव के सहयोगी ने इस मामले में जिस तरह टिप्पणी की है उससे लगता तो यही है कि पाकिस्तान की विश्वसनीयता अब ट्रंन की नजर में भी शक के दायरे में आ गई है। यूं भी पाकिस्तान का डबल गेम यह चल ही रहा है कि जिस यूएई पर ईरान मिसाइलें मार रहा है उस यूएई के साथ सुरक्षा समझौता है और यह कहता है कि यूएई पर हमला पाकिसतान खुद पर हुए हमले की तरह लेगा। यहां तक कि वहां पाकिस्तान ने कुछ लड़ाके और लड़ाकू विमान भी पहुंचाए हैं लेकिन अब यह भी सामने आ रहा है कि वह ईरान को अपने हवाई अड्डों का इस्तेमाल करने दे रहा है। जाहिर है इससे यूएई भी सख्त नाराज है।
