Kejriwal की टीम ने कहा राघव चड्ढा को बोलने का मौका तक न दें
‘आप में बढ़ती फूट: राघव चड्ढा को हटाया गया उपनेता पद से
आम आदमी पार्टी की कलह अब सतह पर आ गई है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को आप ने न सिर्फ उपनेता पद से हटा दिया बल्कि यह भी अनुरोध कर दिया कि राघव को संसद में बोलने न दिया जाए। उनकी जगह पंजाब से ही राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को उपनेता बनाया गया है। इस फैसले के बाद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मैंने सदन में हर बार आम लोगों के मुद्दे ही उठाए हैं लेकिन इसमें आप पार्टी का कोई नुकसान नहीं था। ठीक ऐसी ही स्थिति राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल को लेकर बनी थी और राघव को लेकर तो आम आदमी पार्टी का उच्च नेतृत्व तभी से नाराज है जब से वे केजरीवाल के जेल जाने के दौरान भी कुछ कहने से बच गए थे। इस बीच यह भी खबर आई थी कि पंजाब के प्रभारी रहे राघव के पंसद के सभी लोगों को एक एक कर बाहर किया जा रहा है। इस सबके बाद भी जब राघव ने अपना रास्ता नहीं छोड़ा तो केजरीवाल एंड कंपनी ने उन्हें इस तरह से दरकिनार ाकरने की कोशिश की है और राज्यसभा सचिवालय से यहां तक कह दिया है कि राघव को बोलने के लिए समय ही नहीं दिया जाना चाहिए।
इस घटनाक्रम पर दिल्ली भाजपा ने कहा कि केजरीवाल कमजोर नेता हैं। राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाने के साथ उन्हें सदन में बोलने का समय न देने का अनुरोध भी किया गया है और यह कदम न सिर्फ असामान्य है बल्कि चिंताजनक भी है। विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम आप के भीतर असंतोष बताने के साथ नेतृत्व पर सवाल खड़े करता है। राघव चड्ढा 2022 से पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और लंबे समय से वे पार्टी से दूरी बनाए हुए थे। चड्ढा ने अपनी खामोशी को हार मानने से इनकार किया है। यह घटनाक्रम आप की राजनीति को और गरमा सकता है।
