March 19, 2026
Business Trends

Russian तेल के जहाज भारत की तरफ मुड़े

चीन की तरफ तेल लेकर जा रहे कम से कम सात जहाज अब भारत आएंगे

ईरान युद्ध के बीच भारत की रुस से तेल की खरीदी का नया रिकॉर्ड स्थापित होने जा रहा है और हालत यह है कि कम से कम सात जहाज जो चीन की तरफ तेल ले जा रहे थे अब भारत का रुख कर चुके हैं। भारत में ऊर्जा सुरक्षा और तेल की वैश्विक आपूर्ति के हिसाब से यह बड़ा कूटनीतिक कदम माना जा रहा है। शिप-ट्रैकिंग डाटा बता रहा है कि रुस के कम से कम सात जहाजों ने यू टर्न लेकर भारत का रुख किया है जिसमें से ‘एक्वा टाइटन’नाम का रिझाओ बंदरगाह न जाकर न्यू मैंगलोर पहुंच रहा है जबकि इसके बाद छह और रुस के तेल से भरे जहाज भी भारत पहुंचेंगे क्योंकि भारतीय रिफाइनरियों ने तीन करोड़ (30 मिलियन) बैरल रूसी कच्चे तेल का रुस से सौदा किया है और यह खरीद जारी है। भारतीय रिफाइनरी सक्रिय रूप से रूस से खरीदीकर रही हैं। जब भारत ने रूस से तेल खरीद कम की थी तो चीन को रुसी तेल की सप्लाई बढ़ गई थी लेकिन भारतीय रिफाइनरियों की हालिया खरीद के बड़े सौदों ने समीकरण को तेजी से पलट दिया है। खरीदारों की रुस की तरफ वापसी से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है। चीन जा रहे तेल टैंकरों का भारत की ओर मुड़ना बताता है कि तेल के मामले में नई व्यवस्थाएं तेजी से बदल रही हैं।