INDI Alliance को राज्यसभा में जमकर नुकसान, NDA की नौ सीटें बढ़ीं
राज्यसभा चुनावों में इंडी की पिटाई, फूट साफ नजर आई
इंडी गठबंधन के लिए राज्यसभा चुनाव के नतीजे बुरा सपना बन कर आए हैं। बिहार में कांग्रेस के तीन और राजद के एक विधायक ने क्रॉस वोटिंग की और अब तेजस्वी कह रहे हैं कि एनडीए ने लोकतंत्र को धनतंत्र में बदल दिया है लेकिन वे यह नहीं कह रहे हैं कि वे अपने ही विधायकों का भरोसा जीतने में विफल रहे हैं। भाजपा विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कह रही है कि कांग्रेस ने व्हिप ही जारी नहीं किया और उसके नेता विदेश में पिकनिक मना रहे हैं। जेडीयू की ओर से कहा गया है कि एनडीए को संख्या पाने में कोई दिक्कत नहीं थी और सभी उम्मीदवार आसानी से जीते जबकि महागठबंधन ने अपने विधायकों को होटल में नजरबंद तक रखा फिर भी उनके विधायक अपनी पार्टी के समर्थित उम्मीदवार पर भरोसा नहीं कर सके। भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने महागठबंधन की हार पर कहा कि बिहार की विपक्षी दल उस समय हॉर्स ट्रेडिंग की बात कर रहा है जब उसके पास कोई ‘हॉर्स’ ही नहीं बचा है और अस्तबल का गेट खुला हुआ है। ओडिशा में भी कांग्रेस और बीजद में दरारें साफ सामने आ गई हैं। कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस, रमेश जेना और दशरथी गोमांगो ने पार्टी की लाइन से ठीक उलट जाकर भाजपा समर्थित उम्मीदवार को वोट दिया। वहीं बीजू जनता दल के दो विधायक देवी रंजन त्रिपाठी और सोविक बिस्वाल ने भी पार्टी का कहना नहीं माना। बिहार में कांग्रेस के मनोज बिश्वास और सुरेंद्र कुशवाहा वोटिंग से दूर रहे। जाहिर है
राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने इंडी गठबंधन को बड़ा झटका दिया है।
