March 9, 2026
वर्ल्ड

War Plan और गेमप्लान के बिना ही चल रही हैं ईरान की मिसाइलें

ईरान का कोई गेम प्लान है भी या नहीं
युद्ध को लेकर बनाई जाने वाली योजना को गेमप्लान कहना अजीब तो लगता है लेकिन वाकई वॉर प्लान को गेम प्लान ही अक्सर कहा जाता है और ईरान के मामले में सवाल उठ रहे हैं कि अमेरिका और इजराइल की योजनाएं तो साफ समझ आ रही हैं लेकिन इस सबमें ईरान की रणनीति कहां है, ऐसी कोई नीति ईरान के बचे खुचे नेतृत्व के पास है भी या नहीं? निर्णय लेने के लिए बनी तीन सदस्यों की टीम में आपस में इतनी दरारें हैं कि वहां से कोई निर्णय आने से रहा, राष्ट्रपति बयान दे दें तो उन्हें अपना बयान वापस लेना पड़ जाता है और हमलों के लिए निर्णय छोटे मोटे स्तरों पर ही तय हुए जा रहे हैं। सुप्रीम लीडर के होते भी यहां सैन्य और पुलिसिया काम के लिए दो समानांतर व्यवस्थाएं थीं लेकिन अब तो ऐसी चार पांच समानांतर व्यवस्थाएं नजर आ रही हैं। एक यदि अपने पड़ोसी देशों पर हमला करता है तो दूसरा आकर बोलता है कि हम माफी मांगे लेते हैं, तीसरा चेतावनी देता है कि अमेरिका की मदद करने वालों पर हमारे हमले जारी रहेंगे। अड़ोस पड़ोस के आठ देशों से पंगा लेने का निर्णय किसने लिया यही बताने को तैयार नहीं है। दावा है कि हमारे छोटे छोटे ड्रोन ने अमेरिका और इजराइल की नाक में दम कर रखा है लेकिन दूसरे देश यह गणित लगा रहे हैं कि सबसे बड़े तेल भंडारण से लेकर परमाणु केंद्रों तक और मिसाइल बनाने वाली जगहों से लेकर लगभग पूरे तेहरान तक को गाजा पट्‌टी बनने में कितना समय लगेगा। ईरान की लगभग पूरी एयरफोर्स तबाह है। यूएसएस अब्राहम लिंकन ईरान की छाती पर खड़े होकर एफए-18 हॉर्नेट से बम बरसा रहा है लेकिन न ईरानी बैलेस्टिक मिसाईले उसे तक निशाने पर ले सकीं और न डेस्ट्रोयर या फ्रिगेट ने ही इस पर हमले किए, ईरान ने इस पर हमले की खबर दी भी लेकिन वह भी झूठी ही निकली। उन 19 पनडुब्बियों को भी शायद ईरानी कमांड सेंटर ने स्वादिष्ट अचार डालने के लिए रख छोड़ा है जिनका दम बार बार खौमेनई भरा करते थे। खबरें बता रही हैं कि ईरानी एयरफोर्स जमीन पर ही पूरी तरह ध्वस्त कर दी गई, एक स्क्वाड्रन भी नहीं उड़ी है। दमदार नेवी का भी ईरान ने जमकर ढोल पीटा था जबकि अब तक उसके लगभग पचास युद्धपोत और दो सबमरीन डूब चुकी हैं जिनमें आईआरआईएस देना भी शामिल है जिसे लेकर कुछ लोग कह रहे हैं कि भारतीयों के ‘मेहमान’ को निपटा दिए जाने पर भारत को प्रतिक्रिया देनी थी (जबकि वह इंटरनेशनल वॉटर्स की घटना है)। ईरान के ज्यादातर जहाज फारस की खाडी , और उसी होर्मुज के हिस्से में दफना दिए गए हें जिसके दम पर ईरान ने पूरी दुनिया को ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी। आईआरआईएस लावन भारतीय क्षेत्र कोच्चि में आराम फरमा रहा है जबकि दूसरा आईआरआईएस बुशेहर श्रीलंका के त्रिंकोमाली में सुस्ता रहा है। तेहरान से लेकर इस्फहान तक धुआं धुआं हो रखा है और यह तय नहीं हो पा रहा कि इन्हें बचाने के लिए जिम्मेदारी कौन लेगा और प्रतिरक्षा में हमलों का जिम्मा किसका है। इस बीच एक और खबर यह है कि जनरल कानी निपटा दिए गए हैं, ये वही जनरल हैं जो जानलेवा मीटिंग्स से हर बार बच जाते थे और खौमेनई की जान लेने वाली मीटिंग में भी जाने से इन्हें वजह से देर हो गई थी कि सड़क पर कथित रुप से भीड़ ज्यादा थी। इससे पहले कई मौकों पर कानी साहब कभी दांत दर्द तो कभी पत्नी को अस्पताल ले जाने के बहाने से खबरों से बचते रहे थे लेकिन इस बार उन पर सीधे आरोप लगे और जैसे ही उनके बाहर आने की खबर हुई, यह खबर आने में देर नहीं लगी कि उन्हें निपटा दिया गया है। हालत ये हो गए हैं कि जिसके हाथ जब और जो हथियार आ रहा है उसे अपने हिसाब से इस्तेमाल करने में वह हिचक नहीं रहा है, बिना यह समझे कि आस पड़ोस के सभी देशों से एक साथ पंगा लेना और वह भी अमेरिका-इजराइल जैसे देशों के साथ युद्ध काल में काफी महंगा सौदा पड़ने वाला है।