May 10, 2026
भोपाल

हिंदी पत्रकारिता के सौ वर्ष का उत्सव ‘प्रणाम उदंत मार्तंड’ भारत भवन में

अतीत नहीं जानता उस समाज का कोई भविष्य नहीं : राज्यसभा उपसभापति हरिवंश

हिंदी पत्रकारिता के द्विशताब्दी प्रसंग पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संविमर्श “प्रणाम! उदंत मार्तंड” में ‘नए भारत का निर्माण और हम भारत के लोग’ विषय पर चर्चा करते हुए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि मैं पत्रकारिता का बीता हुआ कल हूं। अब मैं जहां हूं वहां सुनना अधिक है और बोलना कम। पत्रकारिता के ध्येय पर उन्होंने कहा जो समाज अपना अतीत नहीं जानता उसका भविष्य नहीं है। पंडित युगल किशोर शुक्ल ने हिंदी समाचार पत्र उदंत मार्तंड शुरू करते हुए अपनी पत्रकारिता का ध्येय भी स्पष्ट रखा था। जिसका उददेश्य ‘हिंदुस्तानियों के हित के हेत’ था तो नीचे के श्लोक में अपनी जिम्मेदारियों को साफ किया था। नए भारत के निर्माण को रेखांकित करते हुए हरिवंश ने कहा कि अब सरकार अर्थव्यवस्था सहित अन्य क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता पर काम कर रही है। यदि इसी तरह काम स्वतंत्रता के बाद रही सरकारों ने सही रणनीति के साथ किया होता तो आज हमारा देश विकास के अलग पायदान पर होता। टेक्नोलॉजी को लेकर उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी में पीछे रहने वालों का कोई भविष्य नहीं है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि नई सदी में अनपढ़ वे कहलाएंगे जो सीखी हुई बात को भुलाकर नए सिरे से नई बात सीखने को तैयार नहीं होंगे। वरिष्ठ संपादक विकास मिश्र ने अपनी बात रखते हुए कहा कि पत्रकारिता में जगह बनाने के लिए भाषा की शुद्धता अनिवार्य है नई पीढ़ी को भाषिक संस्कारों के लिए भारतीय साहित्य पढ़ने की आदत बनाए रखनी होगी। हैरी पॉटर पढ़ रहे बच्चे नरेन्द्र कोहली की किताबें पढ़कर समझ सकते हैं कि हमारी पौराणिक कहानियां कितनी रोचक हैं। कृत्रिम बुद्धि यानी एआई पर दक्षता रखने वाले प्रत्यूष रंजन ने कहा अधिकारों के साथ हम सभी को अपने कर्तव्यों के प्रति भी उतना ही सतर्क होना होगा। एआई को लेकर उन्होंने कहा कि बेहतर है कि हम एआई को अपना मालिक बनने दें। अमर उजाला के वरिष्ठ संपादक उदय कुमार ने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि हमें अपनी भाषा में पकड़ मजबूत करनी होगी।