Women Reservation Bill नहीं परिसीमन असली चिंता- सोनिया गांधी
एक लेख में सोनिया गांधी ने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के साथ ही तैंतीस प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान हो चुका है
सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि महिला आरक्षण विधेयक को आगे कर सरकार परिसीमन पर जो काम कर रही है उससे बड़ा खतरा है जबकि मीहला आरक्षण बिल तो पहले ही पास हो चुका है। उन्होंने परिसीमन के प्रस्ताव को बहुत खतरनाक करार देते हुए कहा कि यह संविधान पर हमला है। एक लेख में सोनिया ने सरकार के बिल लाने में की जा रही तेजी पर भी सवाल उठाया और इसे राजनीतिक फायदा उठाने की मंशा बताया। संसद के विशेष सत्र की टाइमिंग और मंशा, दोनों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार असली जानकारी साझा नहीं कर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि 2023 में जो नारी शक्ति वंदन अधिनियम आया था उसमें महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है ही लेकिन इसे लागू करने के लिए जनगणना और परिसीमन जरूरी है। यदि सरकार 2029 से महिला आरक्षण लागू करना चाहती है, तो फैसला अब क्यों लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग हर बार सरकार नजरअंदाज करती रही है। उन्होंने परिसीमन को लेकर कहा है कि लोकसभा सीटों की संख्या गणितीय नहीं बल्कि राजनीतिक संतुलन से तय होनी चाहिए ताकि जनसंख्या नियंत्रण में अच्छा काम करने वाले राज्यों को नुकसान न हो। जातिगत जनगणना को लेकर उन्होंने सरकार पर इसे टालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार जो रास्ता अपना रही है वह अलोकतांत्रिक है।
