August 7, 2026
देश दुनिया

Tarun Tejpal ट्रायल कोर्ट से बरी, हाइकोर्ट से अब हुई दस साल की सजा

अपने ही दोस्ती की बेटी को ट्रेनी के तौर पर रखने के बाद एक कार्यक्रम के बीच में लिफट में ले जाकर की थी गड़बड़

तहलका मैगजीन के संपादक तरुण तेजपाल को 2013 के एक रेप मामले में पत्रकार दस साल की सजा सुनाई गई है। इससे पहले उन्हें ट्रायल कोर्ट से सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था लेकिन बॉम्बे हाइकोर्ट की गोवा बेंच ने फैसला पलटते हुए तरुण को दस साल जेल की सजा सुनाई है और उन्हें अगले पंद्रह दिन में सरेंडर को करने को कहा गया है। तरुण तेजपाल ने इस पर पहली प्रतिक्रिया में कहा कि वे विच हंटिंग का शिकार हुए हैं। उन्होंने अपने केस को शरजील इमाम और उमर खालिद की तरह बताते हुए कहा कि उन्भीहें सच बोलने के बदले में सजा दी जा रही है।

बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने मापुसा की सेशंस कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया जो नवंबर 2013 में दिया गया थ्जा और जिसमें तेजपाल बरी हो गए थे। तहलका के एडिटर-इन-चीफ़ तरुण तेजपाल को गोवा सरकार की अपील पर हुई सुनवाई में दोषी ठहराया। रेप और यौन उत्पीड़न के अपराधों के लिए आईपीसी की धारा 376(2) और 376(2) के साथ-साथ धारा 354 ए और 354 बी भी लगाई गई हैं। तरुण की तरफ से अपील की गई कि साठ से ज्यादा की उम्र और परिवार वगैरह को देखते हुए सजा सुनाते समय नरमी बरती जाए और अपराध 13 साल पुराना है इसलिए भी सजा कम रखी जाए। सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर के लिए भी ज्यादा समय मांगा गया लेकिन कोर्ट ने तरुण को दो हफ्तों में सरेंडर करने को कहा। वहीं गोवा सरकार की ओर से तुषार मेहता ने नरमी बरतने का विरोध करते हुए कहा कि पीड़िता के उनकी बेटी की उम्र की लड़की से उन्होंने ऐसा अपराध किया, पीड़िता ने मना भी किया लेकिन तरुण हरकतों को अगले दो दिनों तक करते ही रहे।