September 27, 2026
देश दुनिया

Supreme Court का बड़ा फैसला, मुस्लिम महिलाओं को भी गुजारे का हक

BNS में भी मुस्लिम महिला को भी गुजारा मांगने का हक
सुप्रीम कोर्ट जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस मसीह की बेंच ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए मुस्लिम युवक की वह याचिका खारिज कर दी जिसमें उसने मुस्लिम महिला को गुजारा भत्ता मांगने का हक न होने की बात कही गई थी. कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम महिला (तलाक पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 1986 धर्मनिरपेक्ष कानून पर हावी नहीं होगा.निर्णय में कहा गया कि हम निष्कर्ष के साथ अपील खारिज कर रहे हैं कि सीआरपीसी की धारा 125 सभी महिलाओं पर लागू है. याचिकाकर्ता का कहना था कि उसकी पत्नी को गुजारा भत्ता मांगने का अधिकार नहीं है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिस व्यक्ति के पास अपने भरण-पोषण के साधन हैं, वह पत्नी, बच्चों और माता-पिता को यह देने से इनकार नहीं कर सकता. कोर्ट ने कहा कि बीएनएसएस की धारा 144 में वही प्रावधान हैं जो सीआरपीसी की धारा 125 के थे. इसके तहत पत्नी नाबालिग हो या बालिग, दोनों स्थिति में भत्ता देना ही होगा.