September 4, 2026
देश दुनिया

Dhartipakad नागरमल बाजोरिया नहीं रहे

284 चुनावों में लउ़े लेकिन कभी कहीं नहीं जीते, दो अनूठे रिकॉर्ड के धारक थे धरतीपकड़ बाजोरिया

यदि कोई आपके सामने नागरमल बाजोरिया का नाम ले तो शायद आप एकदम से पहचान न सकें और यदि यह भी बता दिया जाए कि उनके नाम कई रिकॉर्ड हैं तो भी उन्हें पहचानना मुश्किल हो लेकिन यदि कोई आपसे कहे धरतीपकड़ तो आपको तुरंत याद आ जाएगा कि भारत के निर्वाचन इतिहास में एक नाम ऐसा है जो 284 नामांकन में शामिल रहा लेकिन कभी नहीं जीता। भागलपुर के रहने वाले यही धरतीपकड़ बाजोरिया आज दुनिया छोड़ गए लेकिन अपने नाम के साथ जुड़ा एक ऐसा रिकॉर्ड भी छोड़ गए जिसका मुकाबला करना शायद ही कोई चाहेगा और चाहे भी तो इतना हौसला रख सके। बाजोरिया ने पंचायत से लेकर राष्ट्रपति तक के लगभग हर चुनाव में शिरकत की और हर बार हार का मुंह देखा लेकिन उन्हें तो इसी का रिकॉर्ड बनाना था। उनके नाम सबसे ज्यादा हार का ही रिकॉर्ड नहीं है बल्कि सबसे ज्यादा जमानत जब्त करवाने का भी रिकॉर्ड उन्हीं के नाम है। यहां तक कि भारत के ही नहीं जहां जहां संभव हुआ वहां विदेशी चुनावों में भी वो उतरने से बाज नहीं आए। उनके नाम के साथ धरतीपकड़ शब्द ऐसे जुड़ गया था मानो उन्हीं के लिए बना हो। आज जब उन्होंने अंतिम सांस लेते हुए धरती पकड़ी है तो उनके साथ भारत के चुनाव इतिहास का एक ऐसा पन्ना भी खत्म हो रहा है जो अनूठा है और जिसमें जीत का कहीं जिक्र नहीं है।